बिहार: मूर्ति विसर्जन में लाठीचार्ज-गोली कांड के बाद भड़की हिंसा, मुंगेर के SP और DM हटाए गए
मुंगेर। बिहार के मुंगेर में दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान भीड़ पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और गोली कांड के विरोध में युवकों ने तोड़फोड़ कर प्रदर्शन किया। एक युवक की मौत होने पर गुरुवार को मुंगेर में बाजार भी बंद रहा। चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने सुबह से ही दुकानों को बंद रखने की अपील करने शुरू कर दी। इस दौरान एसपी के खिलाफ नारेबाजी हुई। वहीं, लोगों ने शहरभर में विरोध-प्रदर्शन किया। कुछ लोगों ने घटना के लिए एसपी को जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मामले में डीएम-एसपी पर गाज गिरी। आज दोपहर को निर्वाचन आयोग ने दोनों हटा दिए।
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बिहार के एडीजी जितेंद्र कुमार का बयान आया है। कुमार ने कुछ देर पहले कहा, "मुंगेर की घटना की जांच की जा रही है। मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए फसाद के चलते यह तनाव व्याप्त हुआ। मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया है।" उधर, एसडीओ और एसपी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना के बाद फ्लैग मार्च भी किया गया है।

आक्रोशित युवकों ने पुलिस की जीप फूंकीं
आक्रोशित युवकों ने एसपी कार्यालय के समीप पहुंचकर एसपी के खिलाफ नारे लगाए। पत्थर भी फेंककर मारे। बताया जा रहा है कि, गुस्साए युवकों के जत्थे ने एसडीओ के गोपनीय शाखा कार्यालय में भी तोड़फोड़ की। इस तरह पूरे इलाके में माहौल तनावपूर्ण बन गया। खबर मिली है कि, यहां पूरब सराय फांरी में लगी 2 पुलिस जीपों को आग लगा दी है। वहीं, इससे पहले एसपी लिपि सिंह ने सफाई देते हुए कहा था कि विसर्जन के दौरान असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। सुरक्षा बलों के करीब 20 जवान उस घटना में घायल हुए, एक एसएचओ स्तर के अधिकारी का सिर फट गया था।'

एसपी लिपि सिंह के बयानों में था अंतर
कुछ समय बाद एसपी लिपि सिंह ने एक और बयान दिया, जिसमें उन्होंने 15 पुलिसकर्मियों के ही नाम बताए। दावा किया कि असामाजिक तत्वों ने पथराव किया था। जहां गोलीबारी में युवक की जान चली गई। उधर, लोगों का कहना है कि, पुलिस ने युवक को गोली मारी। मीडिया में आई खबरों के अनुसार, सोमवार को घटना इस तरह हुई थी कि कुछ लोगों का जत्था आधी रात के समय दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन कर रहा था। तभी वहां पुलिस और सुरक्षाबलों के बीच झड़प में एक युवक की मौत हो गई। छह से ज्यादा लोग घायल भी हो गए। वहीं, शादीपुर में बड़ी दुर्गा के विसर्जन के दौरान पुलिस ने युवकों पर लाठीचार्ज किया।

अंत में डीएम-एसपी पर गिरी गाज, आयोग ने दोनों हटाए
इस मामले में ताजा जानकारी यह आई है कि, हिंसा भड़कने के बाद निर्वाचन आयोग ने मुंगेर के एसपी और डीएम दोनों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। लगातार आ रही तोड-फोड़ एवं आगजनी की खबरों के बीच बिहार निर्वाचन आयोग ने यह कार्रवाई की। जिसमें मुंगेर की एसपी लिपि सिंह और डीएम राजेश मीणा को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी किए गए हैं।













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