Bihar Politics: नीतीश की कैबिनेट में किस समुदाय से कितने मंत्री, क्या चुनाव से पहले बदलेंगे समीकरण
CM Nitish Cabinet, Bihar Politics: बिहार में आगामी चुनान से पहले जाति आधारित गणना रिपोर्ट जारी होना, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। सियासी जानकारों की मानें तो जाति आधारित रिपोर्ट के बाद सीएम नीतीश कुमार की लोकप्रियता और बढ़ गई है। क्योंकि केंद्र सरकार से जाति आधारित गणना की मांग होती रही है, लेकिन इस पर काम नहीं हुआ है।
बिहार में नीतीश कुमार ने जाति आधारित गणना करवाकर यह साफ़ किया है कि सरकार चाहे तो देशभर में गणना करवा सकती है। वहीं अब जाति आधारित गणना रिपोर्ट जारी होने के बाद बिहार में प्रतिधिनित्व की अलग ही बहस छिड़ गई है। मांग उठने लगी है कि जिसकी जितनी भागीदारी है, उसकी उतनी हिस्सेदारी होनी चाहिए।

बिहार मंत्रिपरिषद में किस समुदाय से कितने मंत्री हैं, क्या संभावनाएं हो सकती हैं। इस मुद्दे पर भी चुनावी चर्चा शुरू हो चुकी है। चलिए जानते हैं, प्रदेश के मंत्रिपरिषद में कितने मंत्री है और कितने बनाए जा सकते हैं। विधान सभा सीटों की तादाद के एतबार से बात की जाए तो प्रदेश में 36 मंत्री बनाने की गुंजाइश है।
मौजूदा वक्त में सीएम और डिप्टी सीएम को मिलाकर मंत्रिपरिषद में 31 सदस्य हैं। पार्टी के हिसाब से बात करे तो लालू की पार्टी राजद के 14 विधायक मंत्री है। वहीं नीतीश की पार्टी जदयू के 12 विधायक मंत्री पद पर हैं। कांग्रेस से दो मंत्री, वहीं एक निर्दलीय (सुमित कुमार सिंह) हैं।
नीतीश कैबिनेट में मंत्रियों के जातिवार आंकड़ों को की बात की जाए तो यादव मंत्रियों की तादाद 8 है। मुस्लिम मंत्रियों की तादाद 5 है। अनुसूचित जाति के 6 मंत्री है। कुशवाहा जाति के दो, कुर्मी जाति के दो कुर्मी, राजपूत जाति के दो, भूमिहार जाति के 1, ब्राह्मण जाति से 1 और वैश्य समुदाय से एक मंत्री हैं।
प्रदेश मंत्रिमंडल अतिपिछड़ा समुदाय की तादाद 4 है, जिसमें हिंदू अतिपिछड़ा से 3 और धुनिया पसमंदा से एक मुस्लिम मंत्री है। मंत्रिमंडल में दलित समुदाय से 6 मंत्री हैं, जिसमें राजद से 2, जदयू से 3 और कांग्रेस से 1 दलित मंत्री शामिल हैं। वहीं 31 मंत्रियों में से 12 पिछड़ा समुदाय के मंत्री हैं।












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