राष्ट्रपति उम्मीदवार के बाद अब इस मसले पर लालू-नीतीश की राहें हुईं जुदा

नई दिल्ली। बिहार के महागठबंधन में अब नई दरार पड़ रही है। वस्तु एवं सेवा कर (GST) पर जनता दल यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल की अलग-अलग राय रिश्तों में खटास बढ़ा रही है।

GST पर जदयू-राजद की राहें जुदा, नीतीश और लालू बनें विपक्षी?

बता दें कि जदयू ने कहा है कि वो 30 जून और 1 जुलाई मध्य रात्रि में GST पर संसद के विशेष सत्र में शामिल होगी वहीं राजद ने इसका बहिष्कार किया है।

नीतीश कुमार के कार्यालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा या है कि जब पहली बार कांग्रेस के नेतृत्व वाली डॉक्टर मनमोहन सिंह की सरकार की ओर से GST लाया गया था तो उन्होंने कुछ संशोधनों के साथ समर्थन किया था।

दल कर रहे हैं विरोध

कई विपक्षी दलों ने तय किया है कि बतौर विरोध वे इस समारोह में शामिल नहीं होंगे जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी भाषण देंगे। मोदी के पूर्ववर्ती, डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया था।

हालांकि लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार दोनों का कहना है कि सरकार और गठबंधन संकट में नहीं है। नीतीश ने राष्ट्रपति चुनाव में भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने का ऐलान किया था , जिस पर लालू ने कहा था कि वो नीतीश को समझाएंगे।

लालू ने कहा था..

28 जून को ही लालू ने ट्वीट कर कहा था कि 'बिहार में महागठबंधन चट्टान की तरह मज़बूत है जो इस पर छेनी चलायेगा उसकी छेनी और हथौड़ा दोनो टूट जायेगा। समर्थित मीडिया के चाहने से नहीं टूटेगा।'

वहीं दलों के बहिष्कार पर केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि यह कोई पार्टी विशेष का कार्यक्रम नहीं है। इसका बहिष्कार करना गलत है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+