चर्चित गोपालगंज जहरीली शराब कांड में 9 दोषियों को फांसी की सजा, 4 को उम्रकैद
गोपालगंज। बिहार के चर्चित खजुरबनी जहरीली शराब कांड में शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए नौ दोषियों को फांसी की सजा दी है। इस केस में चार अन्य महिला दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 16 अगस्त 2016 को गोपालगंज में हुई इस हृदयविदारक घटना में 19 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी जबकि छह लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। इस केस की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट का गठन किया गया। इसके जज एडीजे-2 लवकुश कुमार ने इस कांड के दोषियों पर दस-दस लाख अर्थदंड भी लगाया है।

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बिहार में नीतीश सरकार ने 5 अप्रैल 2016 को शराबबंदी की थी। इसके बाद अगस्त में गोपालगंज के खजुरबनी में जहरीली शराब ने 19 लोगों की जिंदगी को लील लिया था। इस घटना के बाद खजुरबनी में पुलिस ने छापेमारी की थी जिसमें भारी मात्रा में जहरीली शराब की बरामदगी की गई थी। केस में 14 लोगों को आरोपी बनाया गया था जिसमें से एक आरोपी की मौत ट्रायल के दौरान हो गई थी। पांच साल तक कोर्ट में चली सुनवाई के बाद इस बड़े मामले में 9 दोषियों को फांसी की सजा दी गई है।
खजुरबनी कांड में छठू पासी, कन्हैया पासी, लालबाबू पासी, राजेश पासी, लालझरी देवी, कैलाशो देवी, नगीना पासी, सनोज पासी, रीता देवी, संजय चौधरी, रंजय चौधरी, मुन्ना चौधरी, इंदु देवी और ग्रहण पासी के खिलाफ मुकदमा चला। एक आरोपी ग्रहण पासी की मौत हो गई थी। स्पेशल कोर्ट ने 26 फरवरी को इस केस में 13 आरोपियों को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को जैसे ही जज ने फैसला सुनाया, दोषियों के परिवार के लोग रो पड़े। दोषियों के वकीलों ने स्पेशल कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है। जहरीली शराब कांड का मुख्य आरोपी रुपेश शुक्ला अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसे अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है और उसके खिलाफ रेड वारंट भी जारी है।
अगस्त 2016 में हुई इस घटना ने कई परिवारों को तबाह कर दिया था। जहरीली शराब कांड के बाद गोपालगंज नगर थाने के पुलिसकर्मियों पर नीतीश सरकार ने गाज गिराई थी। पूरा थाना सस्पेंड कर दिया गया था और इसके बाद उन पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई थी। इसी साल फरवरी में हाईकोर्ट ने बर्खास्त पुलिसकर्मियों को राहत देते हुए आदेश को खारिज किया था।












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