बिहार में शराबबंदी की पोल खोलती तस्वीरें! समस्तीपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मिली शराब की खाली बोतलें
बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। अब तो सरकारी दफ्तरों के परिसर में भी शराब की खाली बोतलें मिल रही हैं।

Liquor Ban In Bihar: बिहार में बेशक शराबबंदी है लेकिन इसके बावजदू धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है। प्रशासन के नाक के नीचे अवैध कारोबार फल फूल रहा है, लेकिन शराब माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे ज्यादा शर्मनाक तस्वीर क्या होगी, कि क्लेक्ट्रेट में शराब की खाली बोतलें मिले। ताजा मामला बिहार के समस्तीपुर जिले का है जहां समाहरणालय परिसर (कलेक्ट्रेट) परिसर से शराब की खाली बोतले पाई गई हैं। वहीं इस पूरे मामले में आबकारी अधीक्षक शैलेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। खाली बोतलों की तस्वीरें देखने से लग रहा है कि ये काफी पुरानी है। लेकिन फिर भी इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। इसके साथ ही उचित कार्रवाई भी होगी।
प्रदेश में शराबबंदी सिर्फ़ कागज़ों पर ही नज़र आ रही है। राज्य के विभिन्न ज़िलों से आए दिन शराब की तस्करी और ज़हरीली शराब पीने से मौत की खबर देखने को मिल रही है। सारण के शराब कांड से सैकड़ों लोगों की मौत ने बिहार में शराबंबदी की पोल खोल दी थी। ग्रामीणों ने का आरोप है कि प्रशासन की संरक्षण से ही शराब का अवैध कारोबार बढ़ रहा है। बिहार के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर देसी शराब बनाए जाते हैं।
आबकारी विभाग की टीम छापेमारी भी करने जाती है लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की मिलीभगत से ही अवैध कारोबार किया जाता है। बिहार के विभिन्न जिलों में जब जहरीली शराब पीने से मौत होती है, तो मुद्दा गरमाता है और बाद में मामले को ठंडे बस्ते डाल दिया जाता है। एक वाक्य में कहा जाए तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी तो कर दी है, यह फ़ैसला सिर्फ़ काग़ज़ों पर अमलों में हैं, हक़ीकत में यह व्यवस्था सीएम के फ़ैसले को मुंह चिढ़ा रही है।
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