Bihar Politics: ‘रोज़गार मतलब नीतीश कुमार’, तेजस्वी यादव के दावे पर JDU का पोस्टर के ज़रिए वार
Bihar News: बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही 17 साल बनाम 17 महीने के कार्यों का गिनाते हुए राजद रोज़गार के मुद्दे पर क्रेडिट ले रही है। जनविश्वास रैली में भी राजद और महागठबंधन के सहयोगी दल भी अपने कार्यकाल में कराये गए विकास कार्यों को लेकर पीठ थपथपाते नज़र आए।
जनसंबोधन के दौरान भी बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव 17 महीने बनाम 17 साल को लेकर सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते नज़र आए। वहीं अब राजद के दावे पर सीएम नीतीश की पार्टी जदयू की तरफ़ से पोस्टर के ज़रिए तेजस्वी यादव पर वार किया गया है।

सोमवार को बिहार की राजधानी जदयू दफ़्तर के बाहर एक बड़ा पोस्टर लगा, जिसमें सीएम नीतीश की तस्वीर के साथ रोजगार मतलब नीतीश कुमार लुखा हुआ है। वहीं एनडीए नेताओं ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजद सरकार चला रही थी, तो तेजस्वी ने नौकरी कैसे दे दी।
बिहार में जो युवाओं को रोज़गार मिला है, वह नीतीश कुमार ने ही मंजूरी दी जिसके बाद सृजन हुआ है। आपको बता दें कि जन विश्वास महारैली के दौरान तेजस्वी यादव ने रोजगार का मुद्दा उठाते हुए सीएम नीतीश कुमार पर ज़ोरदार निशाना साधा था।
राजद नेता तेजस्वी यादव के रोज़गार देने वाले दावे का कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भी समर्थन किया था। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी समेत संबोझन करने वाले अन्य नेताओं ने भी इसे सही बताया था।
तेजस्वी यादव ने इस दौरान RJD का नया मतलब भी समझाया था, उन्होंने कहा कि R मतलब राइट्स (अधिकार), J मतलब जॉब (नौकरी) और D मतलब डेवलपमेंट (विकास)। तेजस्वी यादव अपने कार्यकाल में कराये गये सारे कार्यों का श्रेय राजद को ही देते हुए नज़र आ रहे हैं।
बिहार में रोज़गार दिए जाने का सौ फीसद क्रेडिट वह खुद को दे रहे हैं। वहीं जदयू और भाजपा इसका श्रेय सीएम नीतीश कुमार को देना चाहती है, इसकी बानगी जदयू द्वारा लगाए गए पोस्टर से देखने को मिल रही है।












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