शिक्षा मंत्री के समर्थन में 20 करोड़ रुपये इनाम का किया था ऐलान, अब चाचा भी कर रहे विरोध
New Teacher Recruitment Rules: बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर नई नियमावली पर बिहार सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शिक्षा मंत्री के समंर्थन 20 करोड़ रुपये ऐलान करने वाला चाचा भी अब उनके खिलाफ़ हो गए हैं।

Bihar Teacher Protest: बिहार में नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली की वजह से शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। कभी शिक्षा मंत्री के चाचा परमेश्वरी प्रसाद यादव ने अपने भतीजे के समर्थन में 20 करोड़ रुपये इनाम की घोषणा की थी। आज वह खुद शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के खिलाफ़ हैं।
रामचरित मानस विवाद के वक्त एक व्यक्ति ने शिक्षा मंत्री की जुबान काटने वाले को 10 करोड़ इनाम का ऐलान किया था। इस पर परमेश्वरी यादव ने कहा था कि जिसने यह बयान दिया है, उसकी गर्दन काटने वाले को हम 20 करोड़ रुपये इनाम में देंगे।
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भतीजे के बचाव में करोड़ों रुपये के इनाम की घोषणा करने वाले चाचा भी नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली को भतीजे के खिलाफ हो गए हैं। उन्होंने शिक्षक भर्ती के नए नियम को काला कानून बताते हुए मरते दम तक आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
परमेश्वरी प्रसाद यादव ने नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली-2023 में सुविधाओं में कटौती की बात कही है। उन्होंने कहा कि हम लोगों जो पहले से सुविधा मिल रही थी, नई नियमावली के तहत उन सुविधाओं में कटौती की गई है। उनकी मांग है कि सरकार बिना एग्ज़ाम लिए सरकारी नौकरी का दर्जा दें। समान काम, समान वेतन के साथ ही पूरे प्रदेश में ट्रांसफर नीति लागू की जाए।
परमेश्वरी प्रसाद यादव ने कहा कि प्रदेश में करीब 16 सालों से ट्रांसफर नीति लागू नहीं हुई है। इस वजह से कई शिक्षकों के परिवार में दरार आ गई। उन्होने कहा कि सरकार की नई नियमावली पर प्रमंडल स्तर से आंदोलन करने के बाद विधानसभा का घेराव करेंगे। शिक्षक अपनी जान दे देंगे लेकिन यह नियम लागू नहीं होने देंगे।
आपको बता दें कि सातवें चरण में शिक्षक नियोजन के लिए बिहार सरकार ने अप्रैल महीने में ही नई नियमावली को मंजूरी दे दी है। इस नियम के तहत BPSC के ज़रिए राज्यस्तरीय परीक्षा पास करने के बाद शिक्षकों की नियुक्ति होगी।
CTET, STET और TET उत्तीर्ण अभ्यर्थी ज्यादा से ज्यादा 3 बार ही परीक्षा दे पाएंगे। बहाल शिक्षक को सरकारी कर्मी का दर्जा दिया जाएगा। इसके साथ ही अनुकंपा का लाभ भी सरकारी कर्मियों की तरह मिलेगा। प्रदेश में पहले से नियोजित 4 लाख शिक्षकों की भी इसी नियम के तहत नियुक्ति होगी।
नई शिक्षक नियमावली के तहत अभ्यर्थियों को आयु सीमा में 10 साल तक की छूट भी दी गई है। परीक्षा में पास हो चुके पुराने नियोजित शिक्षकों की सैलरी भी उनकी वरीयता पर डिसाइड की जाएगी। इसी वजह से प्रदेश भर के शिक्षक नई शिक्षक नियमावली 2023 का विरोध कर रहे हैं।












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