Hit And Run मामले में क्या इन दो वजहों बैकफुट पर आई केंद्र सरकार, इसलिए हुई हड़ताल ख़त्म
Hit And Run कानून की वजह से देश भर में चालकों ने हड़ताल कर दिया था। ट्रक ड्राइवरों की मांग थी कि कानून को वापस लिया जाए। सरकार के आश्वासन पर ड्राइवरों ने हड़ताल तो वापस ले लिया है, लेकिन सरकार के अगले क़दम का इंतज़ार कर रहे हैं।
चुनावी माहौल में कानून लाना और फिर उसमें विचार करने को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। वहीं हड़ताल ख़त्म करने के बाद पहलुओं पर चर्चा तेज़ है कि केंद्र सरकार के बैकफुट पर आने की वजह क्या-क्या हो सकती है।

सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है। इसके साथ ही राम मंदिर के शुभारंभ में कोई परेशानी ना हो इसलिए भी सरकार बैकफुट पर आई है। केंद्र सरकार ऐसे बैकफुट पर आने वाली नहीं थी, लेकिन चुनावी माहौल को देखते हुए इन्हीं दो कारणों की वजह से बैकफुट पर आई।
किसान आंदोलन में भी यह देखने को मिला था कि 1 साल तक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन चला था। देश भर में यह आंदोलन चर्चा में था। चुनावी मौसम आते ही केंद्र सरकार को किसानों के आगे झुकना पड़ा था। कहीं इस बार ट्रक ड्राइवरों के हड़ताल की वजह से नुकसान ना हो जाए, इसलिए आनन-फानन में सरकार बैकफुट पर आ गई।
36 घंटे की हड़ताल से ही देशभर में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी हो गई थी। सड़क पर लोग जाम से परेशान हो रहे थे, रोज़ाना इस्तेमाल की जाने वाली चीज़ों के दाम बढ़ने पर आ गए थे, लेकिन हड़ताल ख़त्म होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
ट्रक असोशिएशन से जुड़े राम रतन ने कहा कि सरकार को झुकना ही थी। अगर सरकार नहीं झुकती तो एक हफ्ते के अंदर अंदर देश में हाहाकार मचने लगता। पूरे देश में एक साथ परिवहन ठप होने से अर्थ व्यवस्था इतनी ज्यादा प्रभावित होने लगती कि सरकार डैमेज कंट्रोल नहीं कर पाती।
केंद्र सरकार में बैठे लोग कोई भी कानून बिना सोच समझे लागू कर देते हैं, यह नहीं सोचते की उसका परिणाम क्या होगा। कभी नोटबंदी, कभी कृषि कानून तो कभी हिट एंड रन मामले में संशोधन। कोई भी कानून लागू करने से पहले सरकार को मामले में रिसर्च करना चाहिए। 2024 में सरकार को बदलना ज़रूरी है।












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