Bihar Politics: डॉ. दिलीप जायसवाल ने अपने विभाग की ही खोली पोल, राजस्व विभाग को लेकर किया हैरतअंगेज़ दावा
Bihar Politics: बिहार के राजस्व मंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने राजस्व विभाग की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। सोमवार की शाम भागलपुर पहुंचे डॉ. जायसवाल ने अपने ही विभाग की पिछली कार्यप्रणाली की खुलकर आलोचना की।
दिलीप जायसवाल ने कहा कहा कि, मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि राजस्व विभाग पहले एक अंधेरे कमरे जैसा था। यहां ट्रांसफर और पोस्टिंग में खेला होता था। वहीं उन्होंने पदभार ग्रहण करने के बाद से लागू किए गए सुधारात्मक उपायों के बारे में विस्तार से चर्चा की।

राजस्व मंत्री ने बताया कि 82 सर्किल अधिकारियों (सीओ) के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसमें 37 का निलंबन भी शामिल है। यह कदम विभाग को साफ-सुथरा बनाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उनके प्रयासों का हिस्सा है। सभी सीओ और राजस्व अधिकारियों (आरओ) को पहले अपनी सेवा पुस्तिकाएं व्यक्तिगत रूप से रखने की अनुमति थी, लेकिन अब यह प्रथा समाप्त हो गई है।
विभाग ने पारदर्शिता और उचित रिकॉर्ड रखने के महत्व पर जोर देते हुए सभी की सेवा पुस्तिका मंगवाई है। डॉ. जायसवाल ने खुलासा किया कि 534 सीओ और 1100 अन्य अधिकारी समय पर अपनी फाइलें जमा करने में विफल रहे, जिसके कारण नवंबर से 189 व्यक्तियों का वेतन रोक दिया गया।
यह निर्णय विभाग के कर्मचारियों के बीच समय की पाबंदी और जिम्मेदारी को लागू करने के लिए मंत्री की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। भागलपुर में राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा के दौरान डॉ. जायसवाल ने लंबित फाइलों वाले क्षेत्रों की पहचान की और उच्च अधिकारियों के स्तर पर लंबित फाइलों को नोट किया।
अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के साथ अपने कार्यों को पूरा करने के लिए एक महीने की समय सीमा दी है, और ऐसा न करने पर दंड की चेतावनी दी है। उन्होंने जोर देकर कहा, अगर निष्पादन गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारियों को निश्चित रूप से दंडित किया जाएगा, अकुशलता और ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।












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