Bihar DNA: महागठबंधन के नेताओं को बिहारियों का अपमान क्यों सुनाई-दिखाई नहीं देता?, जानिए मामला
Bihar News: तेलंगाना के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बिहारी डिएनए वाले बयान पर सियासी पारा चढ़ चुका है। बिहार में भी सियासत तेज़ हो चुकी है। इसी क्रम में सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ हो गई है कि महागठबंधन के नेताओं को बिहारियों का अपमान सुनाई दिखाई क्यों नहीं देता है।
दरअसल, तेलंगाना के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कथित तौर पर कहा था कि तेलंगाना के पहले सीएम के.चंद्रशेखर राव के पास का 'बिहारी डीएनए' है, जिस्से ज़ाहिर होता है कि केसीआर के मुकाबले राज्य के लिए बेहतर विकल्प वह हैं।

रेवंत रेड्डी ने कहा था, 'मेरा डीएनए' तेलंगाना का है। केसीआर का डीएनए बिहार का है। वह बिहार के रहने वाले हैं। केसीआर की जाति कुर्मी है। वे बिहार से विजयनगरम और वहां से तेलंगाना चले गए। तेलंगाना का डीएनए बिहार के डीएनए से बेहतर है।
'बिहारी डीएनए' पर रेवंत रेड्डी द्वारा की गई बयानबाज़ी पर जब बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से पूछा गया तो वह गोलमटोल जवाब देकर बात को टालते हुए कहा कि रेवंत रेड्डी की बयानबाज़ी के के बारे में जानकारी नहीं है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि मैंने उनकी (रेवंत रेड्डी) बयानबाज़ी नहीं सुनी है। वैसे मुद्दे पर प्रतिक्रिया देना ठीक नहीं है जो मैंने मैंने अपने कानों से सुना नहीं या अपनी आंखों से नहीं देखा है। तेजस्वी ने तो अपना पल्ला झाड़ लिया।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह इस मामले में कुछ बोल नहीं सकते, क्योंकि उनकी पार्टी (कांग्रेस) नेता ने बिहारी डीएनए पर सियासी पारा चढ़ाया है।
सियासी गलियारों में इसलिए ही यह चर्चा तेज़ है कि बिहार महागठबंधन में शामिल प्रमुख तीन पार्टियां (राजद, जदयू और कांग्रेस) को बिहारियों का अपमान सुनाई और दिखाई क्यों नहीं देता है। आपको बता दें कि बिहारी डीएनए को कथित तौर पर ख़राब बताने वाले रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। कांग्रेस ने 119 सीटों में से 64 सीटें जीतकर, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को सत्ता से बेदखल किया है।












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