Wrestler Girl: Amir Khan की मूवी देखने के बाद बेटी को बनाया पहलवान, बेटी ने मेडल जीत कर बढ़ाया मान
Wrestler Daughter: निर्जला ने नेशनल में सिल्वर मेडल हासिल किया है। वहीं बड़ी बहन शालिनी भी खेलो इंडिया में सेलेक्ट हुई हैं।

Wrestler Girl: बिहार की बेटी निर्जला ने राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जिताया है। बिहार के नाम सिल्वर मेडल लाने वाली बेटी निर्जला की कामयाबी की कहानी काफी प्रेरणात्मक है।
आर्थिक तंगी से जूझते हुए निर्जला के पिता ने अपनी बेटी को पहलवान बनाया है। निर्जला के पिता मुकेश स्वर्णकार आमिर खान की फिल्म पिता ने 'दंगल' देखने के बाद बेटी को पहलवान बनाने का सपना संजोया थाष
साल 2016 में पिता द्वारा देखे गए सपने को बेटी निर्जला ने साकार कर दिखाया है। 'दंगल' मूवी देखने के बाद उन्होने बेटी को पहलवानी सिखाई। 2018 में चैती दुर्गा के अवसर पर महिला कुश्ती कॉम्पेटिशन आयोजित की गई थी।
मुकेश स्वर्णकार ने अपनी बड़ी बेटी शालिनी और छोटी बेटी निर्जला को कुश्ती कॉम्पेटिशन में हिस्सा दिलाया। शालिनी का मैच ड्रा रहा, वहीं निर्जला मुकाबला जीत लिया। इसके बाद दोनों बहनें अपने पिता के साथ शकरपुरा मैदान में रोज़ाना सुबह-सुबह अभ्यास के लिए जाने लगीं।
शालिनी की तबीयत नासाज़ होने की वजह से वह कुश्ती नहीं लड़ पाई। वहीं निर्जला का चयन खेलो इंडिया के लिए हुआ। निर्जला ने गया से हरिद्वार तक विभिन्न जगह सब जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में अपने हुनर का परचम लहराया।
निर्जला ने जिला स्तरीय प्रतियोगिता (गय) में गोल्डल मेडल जीत कर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। नेशनल टीम में शामिल होने के बाद उसने प्रदेश के खाते में रजत पदक दिलाया। गणतंत्र दिवस (2019) के मौके पर महिला फुटबाल मैच (बखरी) में कोच कोच संदीप ने दोनों बहन के हुनर को देखा।
इसके बाद उन्होंने शालिनी और निर्जला के पिता को जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता (पटना) में भाग लेने की बात कही। इसके बाद वहां की प्रतियोगिता में भी निर्जला ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। इसके बाद दोनों बहनें मेरठ गई। वहां उन्होंने नए तरह की कुश्ती देखी।
मिट्टी आखाड़ा पर कुश्ती लड़ने की बजाए, प्रैक्टिस करने वाली मैट पर कुश्ती लड़ी। प्रैक्टिस नहीं होने की वजह से निर्जला हार गई। निर्जला ने हिम्मत नहीं हारी और कुश्ती में अपना भविष्य तलाशती रही। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, फिर भी दोनों बेटियों का कुश्ती एकेडमी में दाखिला कराया।
अयोध्या नंदनी नगर एकेडमी में दाखिले के बाद उन्होंने मैट पर कुश्ती का प्रैक्टिस किया। सिर्फ 8 महीने एकेडमी में ट्रेनिंग बाद, कोरोना काल की वजह से दोनों बहनों को घर लौटना पड़ा। 14 मई 2021 को भाई की मौत का सदमा लगा।
16 मई 2021 को खेलो इंडिया में दोनों बहन का चयन हुआ। भाई के मौत की वजह बेमन से प्रतियोंगिता खेलने पंचकुला पहुंची लेकिन कामयाब नहीं हो पाई। काफी मशक्कत के बाद आज दोनों बहनों ने अपने पिता को गौरवांवित महसूस करवाया है।
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