Begusarai: Simariya धाम को धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की कवायद तेज़,‘हर की पौड़ी’ जैसा होगा नज़ारा
Simariya कल्पवास मेले को एक दशक ज्यादा से ही राजकीय मेला का दर्जा प्राप्त है। यहां वर्ष 2011 में अर्ध कुंभ और 2017 में महाकुंभ का भी आयोजन हो चुका है।

Simariya Dham News: बेगूसराय जिले में स्थित सिमरिया धाम में उत्तरवाहिनी गंगा होने की वजह इसका धार्मिक महत्व काफी है। यही वजह है कि सिमरिया धाम को आस्था का प्रमुख केंद्र बनाने की कवायद तेज़ कर दी गई है। यहा हर साल कल्पवास मेले का भी आयोजन होता रहा है।
कल्पवास मेले को राजकीय मेला का दर्जा प्राप्त है, गौरतलब है कि यहां साल 2011 में अर्ध कुंभ और 2017 में महाकुंभ का भी आयोजन हो चुका है। इसके अलावा सिमरिया धाम पर स्नान, मुंडन और धार्मिक अनुष्ठान के लिए सालोभर काफी श्रद्धालु और साधु-संत आते रहते हैं।
सिमरिया धाम पर बुनियादी सुविधाओं की कमी की वजह से श्रद्धालु और साधु-संतों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सीएम नीतीश कुमार ने नवंबर 2022 में सिमरिया धाम में लगे कल्पवास मेले में भ्रमण कर श्रद्धालुओं तथा साधु-संतों का फीडबैक लिया था।
संपूर्ण कल्पवास क्षेत्र के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा तैयार 'कॉन्सेप्ट प्लान' की समीक्षा कर विस्तृत योजना (DPR) बनाने के निर्देश दिये थे। जल संसाधन विभाग द्वारा तैयार 114.97 करोड़ रुपये की विस्तृत योजना को 22 मार्च 2023 को राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिल गई।
जल संसाधन विभाग ने सिमरिया में राजेंद्र सेतु और निर्माणाधीन सिक्स-लेन पुल के बीच में गंगा नदी के बायें तट पर आवश्यकतानुसार उच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण और शीट पाइलिंग कराते हुए करीब 550 मीटर लंबाई में सीढ़ी घाट के निर्माण के साथ-साथ में संपूर्ण कल्पवास क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न सुविधाओं का निर्माण कराएगा।
योजना में रीवर फ्रंट का विकास, स्नान घाट के पास चेंजिंग रूम का निर्माण, स्नान घाट के समानांतर सुरक्षा व्यवस्था, गंगा आरती के लिए विनिर्दिष्ट स्थल का निर्माण, धार्मिक अनुष्ठान के लिए मंडप का निर्माण, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था एवं लैंडस्केपिंग, शौचालय परिसर, धर्मशाला परिसर, शेडेड कैनोपी, वाच टावर, पाथ-वे एवं प्रकाशीय व्यवस्था इत्यादि का निर्माण शामिल है।
निर्माणाधीन सिक्स-लेन सेतु से दक्षिण में स्थित मुक्तिधाम ( जहां दूर-दूर से लोग शवदाह के लिए पहुंचते हैं) को भी बेहतर बनाया जाएगा। इन सभी कार्यों को शिलान्यास के बाद 18 महीने में ही पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। सिमरिया धाम को हर की पौड़ी (हरिद्वार) से भी सुंदर बनाने की कोशिश की जा रही है।
यह स्थल रेल एवं सड़क मार्ग से जुड़ा है, इसके साथ ही, सिमरिया राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' जी की जन्मस्थली के रूप में भी विख्यात है। सुविधाओं का विकास होने पर सिमरिया धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। मिथिला ही नहीं, बिहार और दूसरे प्रदेशों से भी ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचेंगे।
Recommended Video
सिमरिया धाम में सुविधाए विकसित हो जाने के बाद यहां पर्यटन का विकास होने की उम्मीद है। इसके साथ ही आसपास के इलाके में होटल और परिवहन सहित कई तरह के कारोबार एवं रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कुल मिलाकर यह योजना मिथिला सहित संपूर्ण बिहार के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगा।












Click it and Unblock the Notifications