क्या हिना शहाब देंगी महागठबंधन को 'ज़ोरदार झटका', जानिए क्यों तेज़ हुई सियासी गलियारों में ये चर्चा?
Chiragh Paswan Met With Hina Shahab: सोमवार को अपने जनसंवाद कार्यक्रम के तहत चिराग पास सीवान जिला के गांधी मैदान में पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद सांसद चिराग पासवान ने स्व. मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब और बेटे ओसामा शहाब से उनके आवास पर मुलाकात हुई।
हिना शहाब और बेटे ओसामा शहाब से मुलाक़ात के साथ चिराग पासवान की घंटों हुई बातचीत के बात बिहार का सियासी पारा चढ़ चुका है। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ हो चुकी है कि आगामी लोकसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी लोजपा रामविलास से हिना शहाब सीवान लोकसभा सीट से चुनावी दांव खेल सकती हैं।

हीना शहाब इससे पहले भी तीन बार सीवान लोकसभा सीट से 3 बार चुनावी ताल ठोक चुकी हैं, लेकिन कामयाबी हासिल नहीं हुई। यही वजह है कि शहाबुद्दीन की मौत के बाद से ही राजद परिवार ने हिना शहाब लसे दूरी बना ली। शाहाबुद्दीन की मौत पर भी काफी सियासत हुई थी कि राजद ने 'शहाब परिवार' के साथ नहीं खड़ी है।
बिहार में लगातार सियासी गलियारों में यह चर्चा बनी हुई है कि हिना शहाब राजद से किनारा कर सकती है। अब चिराग पासवान और हिना शहाब की मुलाकात के बाद यह भी कयासबाज़ी हो रही है कि हिना शहाब जल्द ही चिराग की पार्टी में शामिल हो सकती हैं।
सियासी जानकारों की मानें तो अगर हिना शहाब राजद से दूरी बना लेती हैं, तो सीवान में राजद का जनाधार पूरी तरह से खिसक जाएगा। क्योंकि शाहाबुद्दीन की मौत के बाद से ही राजद ने 'शहाब परिवार' को अनदेखा किया है। राजद के सबसे मज़बूत सिपाही थे, शहाबुद्दीन इसके बावजूद उनकी मौत के बाद राजद ने उनके परिवार के साथ सौतेला व्यवहार किया।
सीवान की जनता का 'शहाब परिवार' के साथ इमोशनल अटैचमैंट है, ऐसे में हिना शहाब जिस पार्टी के साथ जाएंगी, उन्हें जनता का पूरा सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। अगर हिना शहाब चिराग के साथ जाती हैं तो राजद के वोट समीकरण पर काफी असर पड़ेगा। एक तरह से कह सकते हैं कि महागठबंधन को हिना शहाब की तरफ़ ज़ोरदार झटका लगेगा।












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