चाचा पशुपति पारस के आरोपों पर चिराग पासवान का बड़ा बयान, कहा- होनी चाहिए जांच
पटना। सांसद चिराग पासवान ने अपने चाचा और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पशुपति कुमार पारस को धमकी देने के मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि एफआइआर हुई है तो सरकार गंभीरता से मामले की जांच कराए। सच्चाई है तो सबूत सामने आना चाहिए। मुझ पर लगे आरोप की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके साथ हैं। गृह विभाग तो सीएम के पास ही है, मामले की जरूर जांच कराएं।

वहीं जातीय जनगणना के मुद्दे पर पीएम मोदी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में लोजपा का नाम नहीं होने पर चिराग पासवान ने इसे आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने कहा कि लोजपा के सदस्य को भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया जाना चाहिए था। इसके अलावा चिराग पासवान ने कहा कि उन्होंने इस मामले से संबंधित सीएम नीतीश कुमार को पत्र भी लिखा था। जबकि हमारी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी है। पिछले विधानसभा चुनाव में 25 लाख लोगों ने हमें वोट दिया है। सीएम को यह बात समझनी चाहिए।
बता दें कि केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पशुपति पारस ने अपने विरोधियों पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जान से मारने की साजिश रची गई थी। पशुपति पारस के निजी सचिव सुबोध कुमार की तरफ से दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई है।
शिकायत में बताया गया है कि पशुपति पारस के संसदीय क्षेत्र हाजीपुर में उन्हें जान से मारने की साजिश रची गई थी। उन्हें काला झंडा दिखाया गया था और स्याही भी फेंकी गई थी। आरोप में यह भी कहा गया है कि उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन उतना एलर्ट नहीं था, वरना इस तरह की घटना नहीं होती।
केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की तरफ से कहा गया है कि उन्हें फोन कर गाली-गलौच की जा रही है। हमारे पार्टी नेता केशव को गंदी गालियां दी गईं। सोशल मीडिया पर भी गंदी गाली और अपशब्द का प्रयोग मेरे बारे में किया गया है। पशुपति पारस ने कहा कि मुझे जान से मारने की धमकी दी गई है।
पशुपति पारस ने कहा कि इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मैंने पत्र लिखकर मांग की है कि इस मामले की जांच हो। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री पारस ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की है। गृह मंत्री व मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में धमकी की जांच के साथ अभी मिली Y श्रेणी की सुरक्षा की आगे समुचित व्यवस्था की मांग की गई है।












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