रोहिणी के दर्द पर भावुक हुए चिराग, कह दी बड़ी बात! लालू परिवार में जारी घमासान के बीच की ये अपील
Chirag Paswan: बिहार की सियासत इन दिनों सिर्फ चुनावी नतीजों को लेकर नहीं, बल्कि लालू यादव के परिवार में मचे घमासान को लेकर भी गरमाई हुई है। इसी बीच, जब रोहिणी आचार्य ने अचानक राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने का ऐलान किया, तो पूरे राजनीतिक माहौल में खलबली मच गई। इस विवाद पर पहली बार लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने चुप्पी तोड़ी है।
चिराग ने न सिर्फ अपने राजनीतिक मतभेदों को भुलाने की बात कही। बल्कि लालू परिवार को अपना परिवार बताते हुए भावुक अपील भी की कि यह विवाद जल्द खत्म हो जाए। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब लालू परिवार में खींचतान और राजद की चुनावी हार दोनों ही चर्चा में हैं। चिराग ने कहा कि उन्हें अंदाजा है कि जब कोई परिवार ऐसी परिस्थिति से गुजरता है, तो उसका मानसिक दबाव कितना बढ़ जाता है।

'हमारे मतभेद रहे, लेकिन रिश्ता परिवार जैसा था'
चिराग पासवान ने कहा,"हम लोगों के बीच राजनीतिक मतभेद जरूर रहे होंगे, लेकिन मैंने हमेशा लालू जी के पूरे परिवार को अपना परिवार माना है। तेजस्वी, तेज, मीसा दी, रोहिणी जी - सभी को मैंने भाई-बहन की तरह देखा है। मेरा बस यही निवेदन है कि जल्द से जल्द यह विवाद खत्म हो।"
चिराग ने यह भी कहा कि अगर परिवार के भीतर एकता बनी रहती है तो इंसान बाहर की हर मुश्किल से लड़ सकता है। उन्होंने इशारों में कहा कि चुनावी हार और अंदरूनी बयानबाजी की वजह से लालू परिवार पर दबाव बढ़ा है।
रोहिणी ने राजनीति और परिवार दोनों से दूरी बनाई
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने शनिवार को अचानक घोषणा की कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और परिवार से भी दूरी बना रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें यह कदम संजय यादव और रमीज के कहने पर उठाना पड़ा। रोहिणी ने कहा कि वह सभी दोष खुद पर ले रही हैं। इस कदम ने बिहार की राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। रोहिणी लंबे समय से राजद की सक्रिय समर्थक रही हैं और उनकी छवि एक बेबाक नेता की रही है।
संजय और रमीज की ओर से चुप्पी
रोहिणी के आरोपों पर अब तक संजय यादव और रमीज की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है। लालू परिवार की तरफ से भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजद खेमे में इस समय गहरी चुप्पी है।
पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह पूरी तरह पारिवारिक मामला है और इस पर परिवार के सदस्य ही बात करेंगे। उन्होंने कहा कि अभी चुनाव परिणाम आए हैं और उनकी समीक्षा की जा रही है। इसके बाद ही पार्टी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने रोहिणी की तारीफ करते हुए कहा, "वह हमेशा मजबूत और समर्पित रही हैं। हर कोई ऐसी बेटी और बहन चाहता है।"
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
लालू परिवार में चल रहे विवाद और रोहिणी के फैसले ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों में चर्चा बढ़ा दी है। चिराग पासवान की सहानुभूति जताने वाली टिप्पणी से यह साफ है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद कई नेता इस मसले को संवेदनशील नजरिए से देख रहे हैं।
राजद के भीतर गहराते तनाव और चुनावी हार के बाद उठ रहे सवालों के बीच अब सबकी नजर लालू यादव, तेजस्वी या परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य की प्रतिक्रिया पर है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो पार्टी पर इसका असर पड़ सकता है।
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