Cockroach Janta Party के खिलाफ CBI जांच की मांग, CJP पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका! अब क्या करेंगे अभिजीत दीपके?
Cockroach Janta Party: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' यानी CJP को लेकर अब मामला देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गया है। इस ऑनलाइन सटायरिकल मूवमेंट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें इसकी गतिविधियों की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की गई है।
यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है, जब CJP सोशल मीडिया पर युवाओं, बेरोजगारी और सिस्टम विरोधी नैरेटिव को लेकर लगातार चर्चा में बना हुआ है।

Supreme Court Petition: आखिर याचिका में क्या मांग की गई?
रिपोर्ट के मुताबिक यह याचिका राजा चौधरी नाम के व्यक्ति की तरफ से दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग फर्जी वकालत, संदिग्ध लॉ डिग्री और कानूनी पेशे की विश्वसनीयता से जुड़े मामलों में शामिल हो सकते हैं।
याचिका में यह भी कहा गया है कि अदालतों में की गई मौखिक टिप्पणियों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें कथित तौर पर ट्रेडमार्क, वायरल कंटेंट और अदालत की टिप्पणियों को मोनेटाइज करने जैसे मुद्दों की जांच की मांग उठाई गई है। हालांकि अभी सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इस याचिका पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं आई है।
हालांकि इस खबर पर रिएक्ट करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पोस्ट में लिखा, ''धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा''
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार (24 मई) को दावा किया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट फिर से उनके कंट्रोल में आ गया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "हम वापस आ गए हैं... शायद तुम भूल गए थे कि हम जिंदा रहने के लिए क्या-क्या कर सकते हैं।"
इस पोस्ट के साथ उन्होंने कॉकरोच की तस्वीर भी साझा की, जिसे उनके समर्थक पार्टी के प्रतीक के तौर पर देख रहे हैं। इससे पहले शनिवार को अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी का आधिकारिक अकाउंट और उनका निजी इंस्टाग्राम प्रोफाइल हैक कर लिया गया था।
क्या है Cockroach Janta Party? (What Is CJP)
कॉकरोच जनता पार्टी पिछले कुछ दिनों में इंटरनेट पर सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले ऑनलाइन आंदोलनों में शामिल हो गई है। यह कोई पारंपरिक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक डिजिटल सटायर और विरोध आंदोलन के तौर पर सामने आई। इसके समर्थकों का कहना है कि यह उन युवाओं की आवाज है जिन्हें बेरोजगारी, सामाजिक असमानता और सिस्टम की उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। CJP ने "कॉकरोच" शब्द को कमजोरी नहीं, बल्कि संघर्ष और जिंदा रहने के प्रतीक के रूप में पेश किया। सोशल मीडिया पर इसके मीम्स, वीडियो और राजनीतिक टिप्पणियां तेजी से वायरल हुईं।
इस पूरे विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हुआ कि चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" और "पैरासाइट" से की थी। इसके बाद इंटरनेट पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली और उसी नैरेटिव के बीच Cockroach Janta Party ट्रेंड करने लगी। बड़ी संख्या में युवाओं ने इसे सिस्टम के खिलाफ डिजिटल प्रतिरोध के रूप में देखना शुरू कर दिया।
कौन हैं अभिजीत दीपके? (Who Is Abhijeet Dipke)
CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके बताए जाते हैं, जो 30 वर्षीय पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की और बाद में अमेरिका के बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया और चुनावी कैंपेन टीम से भी जुड़े रहे। अभिजीत दीपके डिजिटल नैरेटिव बिल्डिंग और ऑनलाइन राजनीतिक कैंपेनिंग में सक्रिय रहे हैं।
CJP को लेकर बढ़ती ऑनलाइन चर्चा के बीच अभिजीत डिपके के महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित घर पर पुलिस सुरक्षा भी दी गई है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह सुरक्षा एहतियात के तौर पर दी गई है, ताकि उनके घर के आसपास भीड़ या किसी तरह की अव्यवस्था न हो। पुलिस ने यह भी साफ किया कि उनके अधिकार क्षेत्र में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
सिर्फ मजाक या नई डिजिटल राजनीति?
CJP को लेकर देश में दो तरह की राय बनती दिख रही है। एक वर्ग इसे बेरोजगार और नाराज युवाओं की नई डिजिटल आवाज मान रहा है, जबकि आलोचकों का कहना है कि यह सिर्फ वायरल इंटरनेट पॉलिटिक्स है, जिसकी जमीनी गंभीरता अभी साफ नहीं है।
लेकिन इतना तय है कि सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह आंदोलन अब अदालत, राजनीति और सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि CJP सिर्फ ऑनलाइन ट्रेंड बनकर रह जाता है या फिर युवाओं की असली राजनीतिक नाराजगी का बड़ा प्रतीक बनता है।














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