Chhath Puja 2025: छठ की रंग में रंगे राजनेता, सीएम नीतीश कुमार से लेकर चिराग पासवान तक ने की छठ मईया की पूजा
Chhath Puja 2025: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की अंतिम अराधना आज सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुई। राज्यभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। राजधानी पटना के अटल पथ पर सुबह करीब 4:30 बजे एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसे हटाने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इससे जेपी सेतु घाट, दीघा घाट 83, दीघा घाट 88 और दीघा घाट 93 जाने वाले श्रद्धालुओं को थोड़ी असुविधा हुई।
बिहार के 38 जिलों के 70 प्रमुख घाटों से छठ महापर्व की तस्वीरें और अपडेट्स सामने आईं। पटना के दीघा घाट पर श्रद्धालु भगवान भास्कर को अर्घ्य देते दिखे, वहीं सुपौल में व्रती महिलाएं सूर्योदय का इंतजार करती नजर आईं। पटना में कई श्रद्धालुओं ने घर की छत पर ही छठ पूजा संपन्न की, जबकि कई व्रती बैंड-बाजे के साथ घाटों तक पहुंचे।

बेगूसराय के झमटिया घाट पर श्रद्धालु सुबह 5 बजे से ही नदी में खड़े होकर सूर्य के उदय का इंतजार कर रहे थे। वहीं, खगड़िया के परबत्ता में छठ घाट पर पारंपरिक लौंडा नाच का आयोजन कर भक्तों ने उत्सव का रंग और बढ़ा दिया। छठ व्रतियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने रातभर चौकसी बनाए रखी। सभी घाटों पर पुलिसकर्मी, गोताखोर और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया था।
PM Modi extends greetings on conclusion of Chhath Puja, prays for devotees' well-being
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— ANI Digital (@ani_digital) October 28, 2025
राजनीति जगत के बड़े चेहरे भी आज छठ मईया की भक्ति में डूबे नजर आए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना स्थित अपने सरकारी आवास 1 अणे मार्ग पर उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया। वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लोजपा (रामविलास) प्रदेश कार्यालय, पटना में सूर्य देव को अर्घ्य देकर बिहारवासियों की खुशहाली की कामना की। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पटना के गंगा घाट पर पहुंचकर अर्घ्य अर्पित किया।
Bihar Chief Minister Nitish Kumar offered 'Usha Arghya' to the rising sun on the last day of #ChhathPuja at his residence in Patna.
(Pics: Bihar CMO) pic.twitter.com/xbiPjQZU4n
— ANI (@ANI) October 28, 2025
पूरे बिहार में आज सुबह गंगा तटों और तालाबों से लेकर घरों की छतों तक से "छठ मईया के जयकारे" गूंजते रहे। यह दृश्य बिहार की आस्था, संस्कृति और एकजुटता का अद्भुत प्रतीक बन गया।












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