पिता ने ज़मीन बेचकर बेटे को पढ़ाया, मशहूर यूनिवर्सिटी ऑक्सफोर्ड का प्रोफ़ेसर बना जियाउल
ऑक्सफोर्ड के लिए चयनित देश के तीनों छात्र आईआईटी दिल्ली से पीएचडी कर रहे हैं। जियाउल हक, गौरव अरोड़ा और तनु जैन सबोर्डिनेट मशीन डिजाइन विद फोर्स कंट्रोल ऑफ इंडस्ट्रियल रोबोट्स पर रिसर्च कर रहे हैं। ज़ियाउल हक बिहार के पू
पटना, 11 जुलाई 2022। बिहार की धरती पर प्रतिभाओं की कमी नहीं है। देश से लेकर विदेशों तक बिहार के बेटे प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। देश के पीएचडी कर रहे तीन छात्रों का दुनिया के सबसे मशहूर यूनिवर्सिटी ऑक्सफोर्ड में चयन हुआ है। बिहार से ज़ियाउल हक का चयन हुआ है। वहीं इसके साथ गौरव अरोड़ा और तनु जैन का भी सेलेक्शन ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के तौर पर हुआ है।

पेशे से किसान हैं ज़ियाउल के पिता
ऑक्सफोर्ड के लिए चयनित देश के तीनों छात्र आईआईटी दिल्ली से पीएचडी कर रहे हैं। जियाउल हक, गौरव अरोड़ा और तनु जैन सबोर्डिनेट मशीन डिजाइन विद फोर्स कंट्रोल ऑफ इंडस्ट्रियल रोबोट्स पर रिसर्च कर रहे हैं। ज़ियाउल हक बिहार के पूर्वी चंपारण ज़िले से ताल्लुक रखते हैं। उनके घर कवलपुर (तुरकौलिया प्रखंड) में पड़ता है। जियाउल के शुरुआती ज़िंदगी की बात की जाए तो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ही ज़्यादा ख़राब थी। उनके पिता पेशे से किसान हैं और बेटे को बीटेक करवाने के लिए उन्होंने अपनी ज़मीन तक बेच दी थी।

जियाउल हक ने सुनाई अपने सफर की दास्तां
दुनिया की सबसे मशहूर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में चयन होने से जियाउल हक काफ़ी खुश हैं। इसके साथ ही उनके जिले के लोग भी जियाउल के चयन से काफ़ी ज्यादा ख़ुश हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में चयन होने के बाद मीडिया से मुख़ातिब होते हुए जियाउल हक ने अपने सफर की दास्तां सुनाई। उन्होंने बताया कि तुरकौलिया मिडिल और हाई स्कूल से उनकी प्रांरभिक शिक्षा हुई। उसके बाद इंटर उन्होंने एलएनडी कॉलेज मोतिहारी से किया। फिर उन्होंने बीटेक के लिए उत्तर प्रदेश के शारदा यूनिवर्सिटी का रुख किया और बीटेक की डिग्री ली।

अपने पिता के सपनों को किया साकार- जियाउल
ज़ियाउल हक ने मीडिया से मुख़ातिब होते हुए कहा कि पिता खेती बारी कर के ज़िदगी गुज़र बसर करते हैं। बीटेक में बहुत ही मुश्किल से दाख़िला लिया, पढ़ाई मुकम्मल करने के लिए ज़मीन तक बेचनी पड़ी। वहीं अब ज़ियाउल हक ने ख़ुशी का इज़हार करते हुए कहा कि मुझे ख़ुशी है कि मेरी मेहनत रंग लाई और मैंने अपने पिता के सपनों को साकार कर दिखाया। उन्होंने ने कहा कि ये मेरी मां सजदा खातून और पिता शेख जुनैद की दुआओं का असर है कि मैं इस मुकाम पर पहुंचा हूं। 2023 जनवरी में हिंदुस्तान से चयनित तीनों छात्रों का ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी इंग्लैंड में ज्वॉइन कर लेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि मैं पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न अब्दुल कलाम साहब को अपना आदर्श मानते हूं। आपको बता दें कि जियाउल हक दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमटेक की डिग्री हासिल कर चुके हैं।
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