बिहार: पिता का नहीं है साया, मां करती है मजदूरी, 35 लाख के स्कॉलरशिप ने बदली छात्र की किस्मत
18 साल के अमरजीत को इंजीनियरिंग में स्नातक की तालीम हासिल करने के लिए 35 लाख रुपए की स्कॉलरशिप अटरिया विश्वविद्यालय (बैंगलुरू) की तरफ से मिली है। ग़ौरतलब है कि अमरजीत बीपीएल श्रेणी में आने वाले परिवार से ताल्लुक रखते...
पटना, 7 सितंबर 2022। इंसान अगर शिद्दत से किसी काम को करना चाहे तो उसकी राह आसान हो जाती है। कुछ इसी तरह की कहानी है अमरजीत कुमार की, जो बोरिंग रोड (पटना) में किराए के एक झोपड़ी में जिंदगी बसर कर रहे हैं। अमरजीत के सिर पर पिता का साया नहीं है, मा दूसरों के घरों में मजदूरी कर बहुत ही मुश्किल से परिवार की ज़िंदगी बसर कर रही है। अमरजीत पढ़ने में काफी ज़हीन है लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से वह सपनों की उड़ान नहीं भर पा रहा था। अब अमरजीत में सपनों की सीढीयों पर कदम रखते हुए कामयाबी की बुलंदियों को छूने की हिम्मत आई है। अमरजीत को अटरिया विश्वविद्यालय (बैंगलुरू) से 35 लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिली है। जिससे उसकी किस्मत पूरी तरह बदल चुकी है। अब अमरजीत अपने सपने को साकार करने में जुट गया है।

2017 में उठ गया था सिर से पिता का साया
18 साल के अमरजीत को इंजीनियरिंग में स्नातक की तालीम हासिल करने के लिए 35 लाख रुपए की स्कॉलरशिप अटरिया विश्वविद्यालय (बैंगलुरू) की तरफ से मिली है। ग़ौरतलब है कि अमरजीत बीपीएल श्रेणी में आने वाले परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह अपने परिवार के पहले शख्स हैं जो तालीम हासिल करने के लिए कॉलेज पहुंचे हैं। अमरजीत के पिता एक दिहाड़ी मज़दूर थे और 2017 में ही अमरजीत के सिर से पिता का साया उठ गया था। मां के कंधों पर सारी ज़िम्मेदारी थी। अमरजीत की मां दूसरे के घरों में काम कर खुद का और अमरजीत का ज़रुरियात पूरी करती थी।

अमरजीत को मिली 35 लाख की स्कॉलरशिप
आपको बता दें कि डेक्स्टेरिटी ग्लोबल संगठन की पहल से ही अमरजीत को 35 लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिली है। डेक्सटेरिटी ग्लोबल ने ही अमरजीत को स्कॉलरशिप की तैयारी करवाई थी। इससे पहले महादलित छात्र को 2.5 करोड़ रुपये के स्कॉलरशिप दिलाने पर इस संगठन ने खूब सुर्खियां बटोरी थी। 35 लाख रुपए की स्कॉलरशिप में अमरजीत के चार वर्षों की पढ़ाई के अलावा ट्यूशन, बोडिंग, लॉजिंग, किताबों के साथ अन्य खर्चे भी शामिल हैं। आदि शामिल हैं।

‘डेक्सटेरिटी टू कॉलेज’ में अमरजीत का सेलेक्शन
अमरजीत ने बताया कि अटरिया विश्वविद्यालय (बैगलुरु) में एडमिशन और छात्रवृत्ति लेटर देख कर यकीन ही नहीं हुआ की मुझे स्कॉलरशिप मिली है। अमरजीत ने कहा कि शरद सर ने (संस्थापक, डेक्सटेरिटी ग्लोबल) शुरू से ही पढ़ाई में मेरी काफी मदद की है। मेरा एडमिशन सेंट डोमिनिक सेवियो हाईस्कूल में कराया जिसमें शरद सर औऱ उनकी बहन खुद पढ़ते थे। उन्हीं की पहल की वजह से डेक्स्टेरिटी ग्लोबल के करियर डेवलपमेंट प्रोग्राम 'डेक्सटेरिटी टू कॉलेज' में मेरा सेलेक्शन हुआ।

मां की महेनत रंग लाई- अमरजीत
अमरजीत ने बताया कि डेक्स्टेरिटी ग्लोबल संगठन के ज़रिए मैने शिद्दत से ट्रेनिंग ली जिसकी वजह से मेरी किसमत बदली। मुझे यकीन नहीं था कि 35 लाख रुपये की स्कॉलरशिप हासिल कर मैं इंजीनियरिंग की तालीम हासिल करने के लिए कॉलेज जाऊंगा। मेरी मां ने बहुत त्याग कर मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है। मां ने काफी तकलीफें सह कर मुझे पाल पोसकर बड़ा किया। उनके बलिदान का ये सिला है कि मुझे 35 लाख की स्कॉलरशिप मिली है।
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