बिना क्वारंटाइन किये मंगोलिया से आए लोगों को महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश दिया गया, एक निकला संक्रमित
पटना। कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर एक तरफ जहां राज्य सरकार सख्ती अपना रही है। वहीं राज्य के कुछ लोग लापरवाही बरतने में कोई-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बीते गुरुवार को मंगोलिया से मेहमानों का शिष्टमंडल गया पहुंचा। 10 दिन के क्वारंटाइन के बजाए विदेशी मेहमानों की निगेटिव जांच रिपोर्ट पर ही महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश दे दिया गया है। जबकि कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर गृह मंत्रालय भारत सरकार ने जो आदेश जारी किया है उसके मुताबिक जो भी विदेशी भारत में आएंगे या फिर विदेशी यात्रा से भारत में आते हैं उन्हें 10 दिनों तक सेल्फ क्वारंटाइन होना है।

बिहार में जो भी यात्री विदेश से आ रहे हैं, उनके लिए यही नियम बनाया गया है। विदेशियों को लेकर तो और भी अलर्ट किया गया है। बोधग्या मामले में जब एसडीएम इंद्रवीर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि विदेश से आने वाले मेहमानों के लिए 72 घंटे पहले की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट हर हाल में जरूरी है। उस रिपोर्ट में वह निगेटिव आते हैं तो उन्हें गंतव्य तक जाने दिया जाएगा। उन्हें क्वारंटाइन नहीं किया जाएगा।
वहीं जब गृह विभाग के आदेश की बात की गई तो एसडीएम ने कहा कि ऐसा नहीं है। ऐसा तो पॉजिटिव रिपोर्ट के लिए आदेश है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद पहली बार शुक्रवार सुबह विदेशी मेहमानों का शिष्टमंडल महाबोधि मंदिर पहुंचा। मंगोलिया संसद के अध्यक्ष जंदनशतर के नेतृत्व में आए 23 सदस्यीय शिष्टमंडल ने महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में बुद्ध को नमन किया और मत्था टेका। इसके बाद दी- होली ट्री के नीचे आसन लगाकर ध्यान साधना की। बुद्ध की तपोस्थली ढुंगेश्वरी गुफा में मत्था टेका व ढुंगेश्वरी पवर्त की हसीन वादियों का लुत्फ उठाया।
वहीं इन 23 सदस्यों के शिष्टमंडल में से एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इसकी RT-PCR रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही दिल्ली से लेकर गया तक हड़कंप मच गया। मंगोलिया के संसद के अध्यक्ष गोम्बोजव झंडनशतर के नेतृत्व में आया यह शिष्टमंडल बुधवार को उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू से भी मिला था। गया के डीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि पॉजिटिव सदस्य को मगध मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया है।












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