Bihar Voter List Row: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बिहार वोटर लिस्ट रिवीजन पर रोक नहीं, आधार, वोटर कार्ड शामिल हों

Bihar Voter List Row Supreme Court Hearing LIVE Update: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) यानी वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन को लेकर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार (10 जुलाई) को सुनवाई हुई। मामले पर सुनवाई न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और जॉयमाल्य बागची की अवकाशकालीन पीठ ने की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को वैध माना है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिहार में बिहार वोटर लिस्ट रिवीजन जारी रहेगा। संवैधानिक प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई जा सकती। कोर्ट ने इसकी टाइमिंग को लेकर सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग ने तर्क देते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत, वोटर बनने के लिए नागरिकता की जांच जरूरी है। मामले पर अगली सुनवाई 28 जुलाई 2025 को होगी।

Bihar Voter List Row Supreme Court Hearing LIVE Update

LIVE Feed
Jul 10, 2025, 3:36 PM IST

सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 28 जुलाई को

न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की आंशिक कार्य दिवसों की पीठ ने चुनाव आयोग (ECI) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के समूह को अगली सुनवाई के लिए 28 जुलाई 2025 को सूचीबद्ध किया है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह अपना जवाबी हलफनामा (काउंटर एफिडेविट) 21 जुलाई 2025 तक दाखिल करे।
Jul 10, 2025, 3:32 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आधार, वोटर ID और राशन कार्ड को भी मानें वैध दस्तावेज

सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग (ECI) को निर्देश दिया कि बिहार में मतदाता सूची के "विशेष पुनरीक्षण" (Special Intensive Revision) के दौरान आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और राशन कार्ड को भी मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। अदालत ने कहा कि इसके अलावा भी कानून के अनुसार अन्य दस्तावेजों को भी पेश किया जा सकता है और चुनाव आयोग उन्हें विचार में ले सकता है। इस निर्देश से उन नागरिकों को राहत मिल सकती है जिनके पास नागरिकता प्रमाण के लिए सीमित दस्तावेज हैं, और जो आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में मतदान करना चाहते हैं।
Jul 10, 2025, 2:10 PM IST

बिहार वोटर विवाद: न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की अहम टिप्पणी

न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग से कहा, ''मान लीजिए कि आप 2025 की मतदाता सूची में शामिल किसी व्यक्ति को मतदाता अधिकार से वंचित कर देते हैं। तो उस व्यक्ति को आपके फैसले के खिलाफ अपील करनी होगी, पूरी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा और संभव है कि तब तक वह आगामी चुनाव में मतदान से वंचित रह जाए। मतदाता सूची से गैर-नागरिकों को हटाने की प्रक्रिया में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अगर आप यह प्रक्रिया चुनाव से कुछ महीने पहले ही शुरू करते हैं, तो यह लाखों मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित कर सकती है।"
Jul 10, 2025, 2:05 PM IST

आधार कार्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में क्या कहा गया?

याचिकाकर्ता के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा, "जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) के अनुसार आधार कार्ड एक मान्य दस्तावेज है, लेकिन चुनाव आयोग (ECI) बिहार में मतदाता सूची संशोधन के लिए आधार को स्वीकार नहीं कर रहा।" सुप्रीम कोर्ट ने पूछा –आधार को आप प्रमाण के रूप में क्यों नहीं मानते? जवाब में चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा, "आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता।" इस पर न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने जवाब दिया, "नागरिकता का निर्धारण चुनाव आयोग का नहीं, बल्कि गृह मंत्रालय (MHA) का अधिकार क्षेत्र है।" जब चुनाव आयोग की ओर से यह कहा गया कि उन्हें संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत यह अधिकार प्राप्त है, तो कोर्ट ने पलटकर कहा, "अगर ऐसा था, तो यह प्रक्रिया बहुत पहले शुरू करनी चाहिए थी, ना कि चुनाव के ठीक कुछ महीने पहले।"
Jul 10, 2025, 1:56 PM IST

तेजस्वी यादव बोले- देखते हैं कोर्ट में क्या होता है, EC भाजपा के पार्टी सेल की तरह है

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "हमने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अपना पक्ष रखा है। देखते हैं कोर्ट में क्या होता है... सबसे बड़ा सवाल यह है कि आप आधार कार्ड, राशन कार्ड, जॉब कार्ड, मनरेगा कार्ड को क्यों खारिज कर रहे हैं? बिहार के लोगों के पास अभी भी दस्तावेज नहीं हैं। चुनाव आयोग कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं कर रहा है। आयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सब कुछ स्पष्ट क्यों नहीं कर सकते? वे भ्रम क्यों पैदा कर रहे हैं? चुनाव आयोग को क्या अहंकार है? ऐसा लगता है जैसे चुनाव आयोग भाजपा के पार्टी सेल की तरह काम कर रहा है।"
Jul 10, 2025, 1:54 PM IST

बिहार मतदाता सूची विवाद सुनवाई LIVE: बूथ लेवल अधिकारी जमीनी स्तर पर जूझ रहे हैं

बिहार के 77,895 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) जमीनी स्तर पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समय सीमा को पूरा करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। मतदाता गणना फॉर्म अपलोड करने की 25 जुलाई की समय सीमा के साथ, बीएलओ को इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या सहित कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक हालिया रिपोर्ट में निवासियों और बीएलओ दोनों की समस्याओं को उजागर किया गया है, जिसमें समय पर काम पूरा करने में आने वाली कठिनाइयों को दर्शाया गया है।
Jul 10, 2025, 1:53 PM IST

बिहार वोटर लिस्ट के खिलाफ कौन-कौन से याचिकाकर्ता हैं?

इस मामले में अब तक 10 से अधिक याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जा चुकी हैं। प्रमुख याचिकाकर्ता एनजीओ - एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) है। इसके अलावा कई प्रमुख नेताओं ने भी याचिका दायर की है, राजद सांसद मनोज झा, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल, एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले, सीपीआई नेता डी. राजा, सपा नेता हरिंदर सिंह मलिक, शिवसेना (उद्धव) के अरविंद सावंत, झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरफराज अहमद और सीपीआई (माले) के दीपंकर भट्टाचार्य।
Jul 10, 2025, 1:51 PM IST

बिहार वोटर लिस्ट विवाद: अब तक की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का सारांश

न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और जॉयमाल्य बागची की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि, SIR के तहत अब यह साबित करने की जिम्मेदारी मतदाता पर डाल दी गई है कि वह योग्य और भारतीय नागरिक है। इससे संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लंघन हो सकता है। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि, "मतदाताओं को सूची से हटाना लोकतांत्रिक बराबरी के मैदान को प्रभावित करता है।''
Jul 10, 2025, 1:49 PM IST

सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणी, गैर-नागरिकों को हटाना गृह मंत्रालय का अधिकार

न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने कहा, "मतदाता सूची से गैर-नागरिकों को हटाना चुनाव आयोग नहीं, बल्कि गृह मंत्रालय का अधिकार क्षेत्र है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही अदालतें उसमें हस्तक्षेप नहीं करतीं, इसलिए इस पर समय रहते विचार जरूरी है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+