Bihar Opinion Poll: NDA vs महागठबंधन, भागलपुर से मगध तक, बिहार के किस इलाके में किसको कितनी सीटें, आ गए सर्वे
Bihar Opinion Poll 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी अब पूरे उफान पर है। इस बीच लोकपोल ने अपना बड़ा सर्वे जारी कर दिया है, जिसे अब तक का सबसे व्यापक और चर्चित सर्वे कहा जा रहा है। इस सर्वे के मुताबिक इस बार मुकाबला पूरी तरह एनडीए बनाम महागठबंधन (MGB) तक सिमट गया है। सर्वे में बताया गया है कि एनडीए को 38% से 41% वोट शेयर और हागठबंधन को 39% से 42% वोट शेयर मिल सकता है।
सर्वे के मुताबिक एनडीए को 105 से 114 सीटें मिल सकती हैं। महागठबंधन को 118 से 126 सीटों पर बढ़त का अनुमान है। जबकि अन्य दलों के खाते में सिर्फ 2 से 5 सीटें जा सकती हैं। इस सर्वे में जोन वाइज भी डेटा निकाला गया है। आइए जानते हैं किस इलाके में किस दल की स्थिति कैसी है और उन्हें कितनी सीटें मिल सकती हैं।

Bihar Election Survey 2025: जोन-वाइज तस्वीर, कहां किसकी बढ़त?
🔹 भागलपुर जोन
भागलपुर की राजनीति में एनडीए अपनी परंपरागत पकड़ बनाए हुए है। यहां उसे 6-8 सीटें मिल सकती हैं। जबकि महागठबंधन 4-5 सीटों तक सिमट सकता है। छोटे दलों या निर्दलीयों को 1 सीट तक मिल सकती है।
कारण: ऊपरी जातियों का एनडीए के साथ बने रहना, जबकि MGB ईबीसी (पिछड़ी जातियों) में पूरी तरह पैठ नहीं बना सका है।
🔹 दरभंगा जोन
इस जोन में एनडीए को बढ़त दिख रही है। एनडीए को 15-17 सीटें और महागठबंधन को 11-13 सीटें मिलने का अनुमान है।
कारण: सवर्ण वोट एनडीए के साथ जुड़ा है, लेकिन MGB को मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण और कुशवाहा-मल्लाह समुदाय से ताकत मिल रही है।
🔹 कोसी जोन
इस इलाके में कड़ा मुकाबला है। एनडीए को 6-7 और महागठबंधन को 5-6 सीटें मिल सकती हैं।
कारण: यादव और एससी वर्ग MGB की ओर झुक रहे हैं। दूसरी ओर, बाढ़ राहत कार्यों में सरकार की कमजोर छवि एनडीए की मुश्किलें बढ़ा रही है।
🔹 मगध जोन
यहां महागठबंधन मजबूत नजर आ रहा है। उसे 14-16 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि एनडीए को 10-12 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों को 0-1 सीट का मौका है।
कारण: मुस्लिम-यादव और कुशवाहा समुदाय का मजबूत समर्थन, साथ ही रविदास वोटों का धीरे-धीरे MGB की ओर खिसकना। एनडीए के सहयोगी जीतनराम मांझी की पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है।
🔹 मुंगेर जोन
दोनों गठबंधनों के बीच कांटे की टक्कर है। एनडीए और महागठबंधन को लगभग बराबर यानी 10-12 सीटें मिलने का अनुमान है।
कारण: भूमिहार समाज में बिखराव, एनडीए में गुटबाजी और कुर्मी-धनुक नेतृत्व से नाराज़गी। वहीं मल्लाह और कुशवाहा वर्ग का रुझान MGB की ओर।
🔹 पटना जोन
राजधानी क्षेत्र में महागठबंधन को बड़ी बढ़त दिख रही है। उसे 26-28 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एनडीए 14-16 सीटों तक सीमित रह सकता है। अन्य दलों को यहाँ 0-1 सीट मिल सकती है।
कारण: कुशवाहा और रविदास समुदाय का MGB के साथ जुड़ना, बीएसपी का कमजोर होना और जनसुराज के कारण ऊपरी जातियों का वोट बिखरना।
🔹 पूर्णिया जोन
यहां मुकाबला बराबरी का है। एनडीए और महागठबंधन दोनों को 10-11 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, अन्य दलों को 2-3 सीटें मिलने का अनुमान है।
कारण: एआईएमआईएम का कमजोर होना और पप्पू यादव की मौजूदगी से MGB को फायदा। मुस्लिम वोटों का एकतरफा झुकाव भी महागठबंधन के पक्ष में जा रहा है।
🔹सारण जोन
इस जोन में भी महागठबंधन आगे है। उसे 12-13 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एनडीए को 10-11 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य दलों को 0-1 सीट मिल सकती है।
कारण: राजपूत नेताओं की अधिकता से एनडीए में गुटबाजी, भूमिहार वोटरों की नाराज़गी और यादव-कुशवाहा वोटों का MGB की ओर खिसकना।
🔹 तिरहुत जोन
इस इलाके में एनडीए को बढ़त दिखाई दे रही है। उसे 25-27 सीटें और महागठबंधन को 21-22 सीटें मिलने का अनुमान है।
कारण: एनडीए का व्यापक जातीय समर्थन, भाजपा की पकड़ और बनिया-ईबीसी समुदाय में NDA की मजबूत पकड़। हालांकि जनसुराज ऊपरी जातियों में कुछ हद तक सेंध लगाने में सफल हुआ है।
लोकपोल सर्वे का साफ संकेत है कि इस बार का बिहार चुनाव बेहद करीबी होगा। महागठबंधन को थोड़ी बढ़त दिख रही है, लेकिन यह बढ़त निर्णायक नहीं है। एनडीए की पकड़ अभी भी तिरहुत, दरभंगा और भागलपुर जैसे इलाकों में मजबूत है, जबकि महागठबंधन पटना और मगध में भारी पड़ रहा है।
सबसे अहम बात यह है कि जनसुराज और छोटे दल इस बार कोई बड़ा फैक्टर साबित नहीं हो रहे। चुनावी लड़ाई पूरी तरह एनडीए बनाम महागठबंधन की होगी। और नतीजे बेहद चौंकाने वाले भी हो सकते हैं।












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