Bihar News: बिहार के जेलों में बंद कैदियों का बनेगा ई-श्रम कार्ड, जानिए क्या है सरकार का प्लान
Bihar Jail Prisoner E-Shram Card: बिहार सरकार ने राज्य की जेलों में सुधार और बंदियों के सामाजिक-पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य की विधानसभा की कारा सुधार समिति ने घोषणा की है कि सभी जेलों में बंदियों के लिए ई-श्रम कार्ड बनाए जाएंगे, जिससे उन्हें रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा प्रत्येक जेल में मनोचिकित्सक की तैनाती, खान-पान व स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और नियमित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। यह पहल जेलों को केवल सजा का स्थान नहीं बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।

Bihar jail reform: ई-श्रम कार्ड से रोजगार के अवसर
बिहार की सभी जेलों में बंदियों के लिए ई-श्रम कार्ड जारी किया जाएगा। यह कार्ड उन्हें सरकारी और निजी क्षेत्र की रोजगार योजनाओं का लाभ लेने में सक्षम बनाएगा। बंदियों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। इससे जेलों का उद्देश्य सिर्फ सजा देना नहीं बल्कि बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। रोजगार और वित्तीय सहायता मिलने से बंदियों को पुनः अपराध की ओर लौटने की संभावना कम होगी और वे सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।
मनोचिकित्सक की तैनाती और मानसिक सुधार
प्रत्येक जेल में प्रशिक्षित मनोचिकित्सक की तैनाती की जाएगी, जो बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी करेंगे। इसका उद्देश्य आपराधिक प्रवृत्ति वाले बंदियों में सुधार लाना और उन्हें समाज के लिए उपयोगी बनाना है। मनोचिकित्सक बंदियों को तनाव, मानसिक विकार और अपराध प्रवृत्ति से निपटने में मार्गदर्शन देंगे। इससे न केवल बंदियों का मानसिक संतुलन सुधरेगा, बल्कि उनके पुनर्वास की प्रक्रिया भी तेज होगी, और जेलें सुधार और पुनर्वास के केंद्र के रूप में कार्य करेंगी।
खान-पान और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार
कारा सुधार समिति ने जेलों में खान-पान और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्णय लिया है। बंदियों को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति में सुधार होगा। बेहतर स्वास्थ्य और पोषण से बंदियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे पुनर्वास प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। यह पहल यह सुनिश्चित करेगी कि जेलें केवल सजा का स्थान न रहकर सुधार और सामाजिक समेकन का केंद्र बनें।
नियमित निरीक्षण और सुधारात्मक कदम
जेलों में सुधार के लिए अब नियमित निरीक्षण किया जाएगा। कारा सुधार समिति द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी जेलों में बंदियों के जीवन स्तर में सुधार हो, सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों और वे समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकें। निरीक्षण और सुधारात्मक प्रक्रिया से जेलें अपराधियों को सुधारने और उन्हें समाज में पुनः शामिल करने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगी।












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