Bihar News: चाइनीज उत्पादों ने फीकी की स्थानीय कामगारों की दीवाली, नहीं बिक रहे देसी सामान
Bihar News, Diwali Of Local Potters: देशभर में दीवाली को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। बाज़ारों में तरह-तरह के झालर, दिए और पटाखे बिक रहे हैं। लोगों के लिए दीपावाली रोशनी लेकर आई है, वही कुम्हारों की दिपावली फीकी नज़र आ रही है। इसकी वजह चाइनीज़ उत्पाद हो गए हैं।
दीपावली के मौक़े पर पहले लोग देसी दीए जलाते थे, देसी उत्पादों से घर सजाते थे। लेकिन अब देसी उत्पादों की जगह चाइनीज़ सामानों ने ले ली है। कुम्हार इसी उम्मीद पर मिट्टी के दिए और खिलौने बना रहे हैं, कि दीपावली पर उनके घर में भी दीए रोशन होंगे। लेकिन उस एतबार से बिक्री नहीं हो रही है।

स्थानीय कुम्हारों ने अभी यह उम्मीद नहीं छोड़ी है, वह मिट्टी के दीए और खिलौने बना रहे हैं। हालांकि कुम्हारों से जब बात की तो, उन्होंने मायूसी भरे लहज़ में कहा कि अब पहले की तरह बिक्री नहीं होती है। आधुनिकता के इस दौर में मिट्टी के दीए की जगह इलेक्ट्रिक दीए ने ले ली है।
देसी सामानों की जगह पर लोग चाइनीज़ उत्पाद खरीद रहे हैं, इस वजह हम लोगों का पूर्वजों से चला आ रहा धंध बंद होने की कगार पर है। ज़िंदरी गुज़र बसर करने के लिए पैसे पूरे नहीं हो पा रहे हैं। आपको बता दें कि 12 नवंबर को देशभर में दीपावली की धूम देखने को मिलने वाली है।
वहीं कुम्हारों के चेहरे पर मायूसी छाई हुई है, उन्होंने कहा कि दीपावाली के मौक़े पर मिट्टी के दीए जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। लेकिन अब चाइनीज़ उत्पादों की वजह से पुरानी परंपरा भी ख़त्म होते जा रही है। पर्व पर मिट्टी के दीए से घर रोशन होने की बजाय चाइनीज इलेक्ट्रिक दीए जलाए जाने लगे हैं। इस वजह से हम लोगों के द्वारा बनाये गए देसी दीए की बिक्री ना के बराबर होने लगी है।












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