Anant Singh Arrest: दुलारचंद मर्डर से अनंत सिंह की गिरफ्तारी तक, 48 घंटों में क्या-क्या हुआ?
Anant Singh Arrest: बिहार के मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। चुनाव प्रचार के दौरान हुई इस खूनी झड़प ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है। पुलिस ने अनंत सिंह के अलावा दो अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया है और उन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस बीच, पुलिस ने रातभर छापेमारी कर 80 से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इलाके में तनाव बरकरार है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सघन जांच पर नजर बनाए हुए हैं। यह पूरा मामला बिहार चुनाव के बीच राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा रहा है।

गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025- घटना की शुरुआत
मोकामा के पंडारक प्रखंड में जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह के समर्थक और जन सुराज प्रत्याशी के समर्थक (जिसमें दुलारचंद यादव शामिल थे) आपस में भिड़ गए। यह झड़प चुनावी प्रचार के दौरान हुई, जिसने जल्द ही एक हिंसक रूप ले लिया। देर शाम को हुई इस झड़प के दौरान दुलारचंद यादव की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने सीधे तौर पर अनंत सिंह पर गोली चलाने, डंडों से हमला करने और गाड़ी से कुचलकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया और पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध के कारण देर रात तक शव को मौके से नहीं उठाया जा सका और पुलिस ने अनंत सिंह समेत 5 लोगों पर तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की।
शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025- पोस्टमार्टम रिपोर्ट का चौंकाने वाला खुलासा
शुक्रवार सुबह, भारी सुरक्षा के बीच शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इसी दिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, जिसने मामले को एक नया मोड़ दे दिया। रिपोर्ट में डॉक्टरों ने पुष्टि की कि दुलारचंद की मौत गोली लगने से नहीं हुई है (हालांकि पैर में गोली का निशान था)। मौत का कारण गंभीर शारीरिक हमला, आंतरिक रक्तस्राव, फेफड़े फटना और पसलियां टूटना बताया गया, जो यह दर्शाता है कि मौत वाहन से कुचलने या लोहे की रॉड से क्रूर पिटाई के कारण हुई थी। इस खुलासे के बाद, पुलिस ने अपनी जांच का फोकस शारीरिक हमला और वाहन से कुचलने पर केंद्रित कर दिया। इस दौरान, दुलारचंद के समर्थकों ने मोकामा से लेकर बाढ़ तक प्रदर्शन किया।
ये भी पढ़ें: Bihar Election: मोकामा हत्याकांड पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला, बोले- बिहार में 'जंगलराज’ है या 'मंगलराज’?
शनिवार, नवंबर 1, 2025- देर रात अनंत सिंह की गिरफ्तारी
पुलिस पर हाई-प्रोफाइल आरोपी की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया था। पटना पुलिस की कई विशेष टीमें नामजद और संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रातभर सक्रिय रहीं। शुक्रवार की रात और शनिवार की रात के दौरान पुलिस ने मोकामा और आस-पास के क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान हिंसा और बवाल में शामिल होने के संदेह में 80 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ की गई।
अंततः, शनिवार देर रात, पटना पुलिस की टीम ने मुख्य आरोपी और जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ दो अन्य करीबी सहयोगी मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह को सीधे पटना एसएसपी ऑफिस के DIU सेल में रखा गया।
रविवार, 2 नवंबर 2025- कोर्ट में पेशी
आज (रविवार, 2 नवंबर 2025), पुलिस तीनों गिरफ्तार आरोपियों-अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम-को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी। पुलिस की योजना फिलहाल उनकी न्यायिक हिरासत की मांग करने की है, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा जा सकता है। पुलिस ने मोकामा उपचुनाव (6 नवंबर) को देखते हुए तुरंत रिमांड पर लेने की योजना नहीं बनाई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मतदान समाप्त होने के बाद उन्हें रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी ताकि दुलारचंद पर हमले और हत्या के षड्यंत्र का पूरा सच सामने आ सके।
ये भी पढ़ें: Bihar Chunav 2025: Anant Singh गिरफ्तार, मोकामा से पटना तक हिल गए सियासी समीकरण, कितना पड़ेगा मतदान पर असर?












Click it and Unblock the Notifications