बिहार के मंत्री ने कहा- 25 लाख मजदूरों को वापस बुलाने के लिए 1 लाख 70 हजार बसों की जरूरत
पटना। दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को वापस बुलाने के लिए गृह मंत्रालय ने एक गाइडाइन जारी कर दिया है, जिसको फॉलो करते हुए लाखों लोगों को वापस बुलाया जा सकता है। हालांकि गृह मंत्रालय के तरफ से कहा गया है कि इन सब प्रक्रियाओं के बीच सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो करें। इसी मामले पर बिहार सरकार में मंत्री और जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने चौंका देने वाला बयान दिया है।

जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने कहा कि अगर हम सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो करते हुए रजिस्टर्ड लेबर को वापस लाएंगे तो 25 लाख मजदूरों को वापस लाने के लिए एक लाख 70 हजार बसों की जरूरत पड़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि हम नोडल टीम का चयन कर रहे हैं लेकिन सरकार के लिए ये मुमकिन नहीं है कि वो लोगों को वापस ले आ सके।
बता दें कि इससे पहले भाजपा के विधान परिषद सदस्य ने कोटा से छात्रों को वापस बुलाने पर कहा था कि संजय पासवान ने कहा कि हमारे बच्चों को वापस लाना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कर्तव्य है। इससे हमें राजनीतिक नुकसान भी हो रहा है। उसे तीन मई से पहले सभी बच्चों को लाना चाहिए। इस साल बिहार में चुनाव होने वाले हैं । लगभग सभी मध्यम वर्गीय परिवारों में कम से कम एक बच्चा कोटा में पढ़ता है।
उन्होंने आगे कहा कि बच्चों की संख्या केवल 1000 हो सकती है, लेकिन एक लाख परिवार इससे प्रभावित होते हैं। इन बच्चों के प्रति उनकी सहानुभूति है। यदि एक लाख परिवारों में मतदाता हैं तो 5 लाख मत प्रभावित होंगे। इसलिए मैं सीएम से कोटा और पुणे से हमारे बच्चों को वापस लाने का अनुरोध करता हूं।












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