फर्जी वीडियो केस में एक और गिरफ्तारी, उपेंद्र सहनी पुलिस के हत्थे चढ़ा, मनीष कश्यप का रोते हुए वीडियो वायरल
यूट्यूबर मनीष कश्यप का अदालत ले जाते समय सिसकने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

Manish Kashyap: बिहार के मजदूरों की पिटाई का फर्जी वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में बिहार पुलिस ने उपेंद्र सहनी नाम के एक और यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है। उधर मुख्य आरोपी मनीष कश्यप का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो पुलिस गिरफ्त में अदालत ले जाते समय सिसकता हुआ दिखाई दे रहा है। इस दौरान मनीष के साथी उसका हौसला बढ़ा रहे हैं और उसे कह रहे हैं कि हिम्मत मत हारना, हम सब मिलकर लड़ेंगे।
उपेंद्र सहनी गिरफ्तार
मनीष कश्यप के साथ ही उपेंद्र सहनी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तमिलनाडु के तिरुपुर में बिहारी मजदूरों की पिटाई का कथित तौर पर पिटाई का वीडियो सबसे पहले उपेंद्र ने ही शेयर किया था। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे कोर्ट में पेश किया गया। तमिलनाडु पुलिस ने रिमांड के लिए कोर्ट में याचिका दायर की है। रिपोर्ट के अनुसार उपेंद्र के फोन से ही सबसे पहले कथित वीडियो शेयर किया गया था, जोकि वायरल हुआ था। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 153 बी, 505, 266 डी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
22 मार्च तक न्यायिक हिरासत में
बता दें कि मनीष को पश्चिम चंपारण से बिहार पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया है। उसे आर्थिक अपराध इकाई ने गिरफ्तार किया है, इसके बाद उसे पटना लेकर आया गया, जहां उससे पूछताछ की गई। इसके बाद मनीष को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने मनीष को 22 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। माना जा रहा है कि मनीष से जल्द ही तमिलनाडु पुलिस भी पूछताछ कर सकती है, इसके लिए पुलिस ट्रांजिट रिमांड की मांग कर सकती है।
क्या है मामला
दरअसल मनीष ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमे दिखाया गया है कि बिहार के मजदूरों की तमिलनाड में पिटाई हो रही है। मनीष पर आरोप लगा है कि उसने फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है और लोगों में गलत जानकारी फैलाई है। जिसके बाद मनीष के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मनीष के खिलाफ बिहार में 14 केस और तमिलनाडु में 13 केस दर्ज किए गए हैं। लगातार ईओए प्रयास कर रहा था कि मनीष पूछताछ के लिए आए, लेकिन आखिरकार जब मनीष नहीं आया तो उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया। फिर भी जब मनीष नहीं आया तो उसके घर की कुर्की की कार्रवाई शुरू हुई, जिसके बाद मनीष ने जगदीशपुर थाने में सरेंडर कर दिया।
मनीष पर कई केस दर्ज
मनीष पर रंगदारी, शासकीय काम में बाधा डालने सहित कई केस दर्ज किए गए हैं। उसके खिलाफ एसबीआई के ब्रांच मैनेजर से रंगदारी मांगने का भी केस दर्ज है। बेतिया में मनीष के खिलाफ 7 केस दर्ज हैं। बिहार पुलिस का कहना है कि मनीष के खाते में जो भी पैसे थे उन्हें फ्रीज कर दिया गया है। मनीष के अलग-अलग खातों में कुल 42.11 लाख रुपए जमा हैं, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया है।












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