Bihar Flood: बिहार में घर, स्कूल,पावर ग्रिड...सब जलमग्न, 24 घंटे में टूटे 6 बैराज, अगले 72 घंटे भारी
Bihar Flood: भारी बारिश के चलते कोसी, गंगा-गंडक, बागमती नदियां उफान पर हैं। ऐसे में बिहार में 16 लाख से अधिक परिवार प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि इस बीच नेपाल में लगातार हो रही बारिश कम होने के कारण सोमवार को बैराजों से पानी का डिस्चार्ज कम किया गया है। बिहार में पिछले 48 घंटे में छह बैराज टूटने से स्थिति बिगड़ गई।
बाढ़ के चलते बिहार के 12 जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। यहां कोसी, गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियों को जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच चुका है। ऐसे में सीमावर्ती कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

उत्तर बिहार के 20 जिलों में खतरा
उत्तर बिहार के 20 जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है। कोसी और गंडक बराज से रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़े गए जिसका असर अब कई जिलों में देखने को मिल रहा है। बिहार में नदियों पर तटबंधों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंट के अंदर 6 तटबंध टूट चुके हैं, जिससे बाढ़ का पानी तेजी से गांवों में फैल रहा है।
ऐसे में बिहार में गंडक के किनारे बसे गांव में तटबंध के अंदर से लोगों का अब पलायन जारी है। जहां तटबंध टूट रहे हैं वहां की स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 72 घंटे बिहार के सीमवार्ती इलाकों के लिए अहम है। पूर्णिया, कटिहार, माधेपुरा समेत कई जिलों में बाढ़ की तबाही है।
इन जिलों में बाढ़ का तांडव
सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, माधेपुरा, भागलपुर,गोपालगंज, मोतिहारी, दरभंगा, सीतामढ़ी, बेतिया और मधुबनी बिहार के ऐसे जिलें हैं, जहां नदी के किनारे बसों गांव जलमग्न हो गए हैं।
टूटे कई तटबंध
ताजा हालात की बात करें तो हेमपुर काली स्थान के पास 76 किलोमीटर के पास कोसी पूर्वी तटबंध पर दबाव है। कोसी पूर्वी तटबंध के 74.40 स्पर ध्वस्त हो चुके हैं। जबकि पूर्णिया में बनमनखी की बोहरा पंचायत के वार्ड नंबर 1,2,3 और 4 को जोड़ने वाली सड़क का पुल नदी के तेज बहाव के चलते टूट चुका है। वहीं कटिहार में महानंदा डेंजर लेवल के काफी ऊपर बह रही है। यहां 100 से अधिक घरों में पानी घुस चुका है। माधेपुरा में करीब तीन दर्जन घर नदी में डूब चुके हैं।












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