Bihar Chunav II Phase Voting: दूसरे चरण की वोटिंग से पहले भारत-नेपाल सीमा सील, क्या खुला, क्या बंद रहेगा?
Bihar Chunav II Phase Voting: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। चुनाव से पहले भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
यह आदेश 8 नवंबर की सुबह से लागू हो गई है और 11 नवंबर की शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी। मतदान समाप्त होने के बाद ही सीमा को दोबारा खोला जाएगा।

सुरक्षा कारणों से सीमा बंद
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए बताया कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या संदिग्ध आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश के मुताबिक, भारत-नेपाल मैत्री पुल सहित सहदेवा, महदेवा, मुशहरवा, पनटोका और सीवान टोला जैसी सभी प्रमुख चौकियों को सील कर दिया गया है। यह निर्णय मुख्य रूप से सीमावर्ती जिलों में शांतिपूर्ण मतदान कराने और बाहरी तत्वों की घुसपैठ रोकने के लिए लिया गया है, ताकि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
केवल आपातकालीन सेवाओं को छूट
सीमा बंद रहने के दौरान केवल एम्बुलेंस और मेडिकल सेवाओं जैसी आपातकालीन सेवाओं को आवाजाही की अनुमति दी गई है। वहीं, नेपाल से भारत लौटने वाले भारतीय नागरिकों को वैध पहचान पत्र दिखाने पर प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के समर्थक को सीमा पार से आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, ताकि किसी भी तरह के मादक पदार्थ, नकदी या अवैध सामान की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।
सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी, संयुक्त गश्त जारी
एसएसबी की 47वीं बटालियन के कमांडेंट संजय पांडेय ने बताया कि बिहार चुनाव के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए सीमा पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। एसएसबी, जिला पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। उन्होंने कहा,"सीमा पर हर वाहन और व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। चुनाव के दौरान किसी भी बाहरी हस्तक्षेप या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
मतदाताओं से प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी ने सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों से अपील की है कि वे चुनाव अवधि में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि नेपाल से सटे जिलों में अक्सर चुनावी दौर में शराब, नकदी और असामाजिक तत्वों की आवाजाही की संभावना बनी रहती है। इस बार प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बढ़ा दी है।
दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है। इस चरण में 17 जिलों की 94 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। सीमांचल, तिरहुत और मिथिलांचल जैसे इलाकों में वोटिंग को देखते हुए सीमा पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी संबंधित जिलों को निर्देश दिया है कि सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और खुफिया तंत्र को मजबूत किया जाए, ताकि चुनाव में किसी भी बाहरी दबाव या गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
भारत-नेपाल सीमा की 72 घंटे की सीलिंग से यह साफ है कि प्रशासन किसी भी साजिश या अवैध गतिविधि को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है। पुलिस, एसएसबी और स्थानीय प्रशासन मिलकर सुनिश्चित कर रहे हैं कि दूसरे चरण की वोटिंग पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो।












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