Bihar Election Result 2025: चुनाव रिजल्ट के बाद कैमूर में क्यों भड़की हिंसा? 6 पुलिसकर्मी घायल
Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बावजूद, कैमूर जिले की रामगढ़ सीट पर शुक्रवार देर शाम भारी उपद्रव और हिंसा भड़क उठी। मतगणना केंद्र पर एकमात्र सीट जीतने वाली बहुजन समाज पार्टी (BSP) के आक्रोशित समर्थकों ने जमकर बवाल काटा, जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गए और एक सरकारी वाहन को आग लगा दी गई।
हिंसा की यह घटना कैमूर के बाजार समिति परिसर स्थित मतगणना केंद्र पर हुई। रामगढ़ विधानसभा सीट पर परिणाम की घोषणा में हो रही देरी से भड़के बसपा समर्थकों ने पहले सड़क पर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जब अधिकारियों ने उन्हें समझाने और सड़क से हटाने का प्रयास किया, तो भीड़ उग्र हो गई।

उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर किया पथराव
उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी के वाहन को आग के हवाले कर दिया, जिससे गाड़ी धू-धू कर जल गई। इस हिंसा में सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर, दो हवलदार, एक जमादार सहित छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से दो को गंभीर चोटें आई हैं।
घायलों में सीआरपीएफ की एफ टू 238 बटालियन के एएसआई राजकुमार मिश्रा, सब इंस्पेक्टर कृष्णकांत मिश्रा, हवलदार योगेंद्र शर्मा, भीम सेन, और गोरखा रेजिमेंट के जवान संजय कुमार राणा शामिल हैं। हिंसा बेकाबू होने के बाद, पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस बल मतगणना केंद्र से बाहर निकला और बल प्रयोग करते हुए उपद्रव मचा रहे बसपा समर्थकों को तितर-बितर किया।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह को हेलमेट और सुरक्षा जैकेट पहनकर घटना स्थल पर पहुंचना पड़ा।
मायावती ने प्रशासन पर लगाया गंभीर आरोप
इस घटना के बाद, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने सीधे तौर पर प्रशासन पर धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा: 'कैमूर की रामगढ़ सीट जीतने के बाद भी वहां का प्रशासन हराने के लिये आमादा है। 123 वोट से जीतने के बाद भी दुबारा वोट काटे। फिर भी 38 वोट से जीत गये, लेकिन सर्टिफिकेट नहीं दें रहे। पिछली बार भी रिकाउंटिंग में 161 वोट से हराया गया था, फिर वही करने जा रहे हैं। @ECISVEEP संज्ञान लें।'
मायावती ने अपने ट्वीट में दावा किया कि उनके प्रत्याशी सतीश कुमार पिंटू के 123 वोटों से जीतने के बावजूद प्रशासन ने दोबारा वोट गिने, जिसके बाद जीत का अंतर 38 वोट रह गया, लेकिन उन्हें जीत का प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है।
कांटे का मुकाबला बनी रामगढ़ सीट
रामगढ़ विधानसभा का चुनाव शुरू से ही काफी रोचक बना रहा। शुरुआती 18 राउंड तक बसपा प्रत्याशी सतीश कुमार पिंटू आगे चल रहे थे, लेकिन उसके बाद मुकाबला इतना कड़ा हो गया कि कभी भाजपा प्रत्याशी अशोक सिंह तो कभी बसपा प्रत्याशी आगे हो जाते थे। दोनों के बीच चल रही कांटे की टक्कर के कारण ही मतगणना केंद्र के बाहर बसपा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जो अंतिम राउंड के परिणाम की घोषणा में देरी से उग्र हो गई।












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