Bihar Election Phase 1: पहले चरण में 10 बाहुबली उम्मीदवार कौन हैं? अनंत से रीतलाल तक जेल से लड़ रहे चुनाव
Bihar Assembly Election Phase 1: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का पहला चरण शुरू हो चुका है। 6 नवंबर को 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग हो रही है। कुल 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन इन सबमें चर्चा उन चेहरों की हो रही है जो राजनीति से ज्यादा अपने बाहुबल और अपराधी छवि के लिए मशहूर हैं। कई उम्मीदवार जेल में बंद रहकर भी चुनावी मैदान में हैं। इस बार की लड़ाई न सिर्फ सत्ता की है, बल्कि यह भी देखने वाली है कि क्या बिहार की जनता बाहुबली छवि वाले नेताओं को फिर मौका देगी या बदलाव की राह चुनेगी।
बिहार के पहले चरण में 1314 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इनमें से कई उम्मीदवार बाहुबली भी हैं। अनंत सिंह और रीतलाल यादव जैसे बाहुबली नेता जेल से चुनाव लड़े रहे हैं। ऐसे में आइए जानें इन 10 बाहुबली उम्मीदवार या बाहुबली परिवार से जुड़े नेताओं के बारे में?

बिहार की सियासत में बाहुबली ब्रांड अब भी असरदार
2025 के बिहार चुनाव में ये 10 बाहुबली उम्मीदवार फिर सुर्खियों में हैं। कुछ जेल की सलाखों से चुनाव लड़ रहे हैं, तो कुछ परिवार की सियासी विरासत बचाने मैदान में हैं। यह तय है कि बिहार की राजनीति में बाहुबल की पकड़ अब भी कायम है-बस चेहरों का रंग-रूप बदल गया है।
🔹 1. अनंत सिंह (मोकामा, पटना) - 'छोटे सरकार' की फिर मैदान में एंट्री
जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह का नाम बिहार की राजनीति में बाहुबल का पर्याय माना जाता है। 28 आपराधिक मामलों में आरोपी 'छोटे सरकार' इस वक्त दुलारचंद यादव हत्याकांड में बेऊर जेल में बंद हैं। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। मोकामा में उनके समर्थकों का अब भी मजबूत जनाधार है।
🔹 2. धूमल सिंह (एकमा, सारण) - बाहुबली छवि बिना केस
जेडीयू के मनोरंजन उर्फ धूमल सिंह एक अनोखे उम्मीदवार हैं। उन पर कोई आपराधिक केस नहीं, लेकिन इलाके में उनकी दबंग छवि है। स्थानीय राजनीति में उनकी पकड़ इतनी मजबूत है कि विरोधी भी उन्हें 'बिना केस वाला बाहुबली' कहकर संबोधित करते हैं।
🔹 3. पप्पू पांडे (कुचायकोट, गोपालगंज) - 14 केस और फिर भी जीत का भरोसा
जेडीयू प्रत्याशी अमरेंद्र उर्फ पप्पू पांडे पर हत्या के प्रयास से लेकर रंगदारी और लूट जैसे 14 मामले दर्ज हैं। उनके भाई सतीश पांडे का नाम भी 90 के दशक के कई चर्चित मामलों में रहा। पांडे परिवार का राजनीतिक प्रभाव गोपालगंज से लेकर हथुआ तक फैला है। पप्पू पांडे ने पिछले चुनाव में कांग्रेस के काली प्रसाद पांडे को 20 हजार से अधिक वोटों से हराया था।
🔹 4. ओसामा शहाब (रघुनाथपुर, सीवान) - शहाबुद्दीन की विरासत थामे बेटा
राजद उम्मीदवार ओसामा शहाब, दिवंगत बाहुबली सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे हैं। पहली बार राजनीति में कदम रख रहे ओसामा पर अपने पिता की विरासत को बचाने का दबाव है। सीवान की यह सीट शहाबुद्दीन परिवार के असर के कारण हमेशा सुर्खियों में रही है।
🔹 5. रीतलाल यादव (दानापुर, पटना) - जेल में बंद, परिवार चला रहा कैंपेन
दानापुर सीट से आरजेडी के सिटिंग विधायक रीतलाल यादव फिलहाल जेल में हैं। उन पर हत्या, रंगदारी और वसूली के 11 मामले दर्ज हैं। 50 लाख की रंगदारी मांगने के आरोप में जेल भेजे गए रीतलाल के लिए लालू यादव खुद प्रचार कर रहे हैं। उनके खिलाफ बीजेपी के रामकृपाल यादव मैदान में हैं, जिससे यह सीट यादव बनाम यादव की बन गई है।
🔹 6. वीणा देवी (मोकामा, पटना) - सूरजभान की पत्नी, बाहुबली परिवार से संबंध
राजद प्रत्याशी वीणा देवी बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी हैं। सूरजभान 2008 में हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए थे। वीणा देवी इससे पहले मुंगेर से सांसद रह चुकी हैं। अब वह मोकामा से अपने पति की राजनीतिक विरासत संभालने की कोशिश कर रही हैं।
🔹 7. हुलास पांडे (ब्रह्मपुर, बक्सर) - सुनील पांडे के भाई
लोजपा (राम विलास) के टिकट पर हुलास पांडे ब्रह्मपुर से मैदान में हैं। वे कुख्यात बाहुबली सुनील पांडे के भाई हैं। 2020 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड में उनका नाम भी चर्चित रहा।
🔹 8. प्रशांत विशाल (तरारी, भोजपुर) - बाहुबली परिवार की नई पीढ़ी
भाजपा उम्मीदवार प्रशांत विशाल, बाहुबली सुनील पांडे के बेटे और हुलास पांडे के भतीजे हैं। 2024 के उपचुनाव में उन्होंने तरारी से जीत दर्ज की थी। अब पिता की तरह वह भी पूर्णकालिक राजनीति में सक्रिय हैं।
🔹 9. रणधीर कुमार सिंह (मांझी, सारण) - प्रभुनाथ सिंह के बेटे
जेडीयू उम्मीदवार रणधीर सिंह, पूर्व सांसद और चर्चित बाहुबली प्रभुनाथ सिंह के बेटे हैं। प्रभुनाथ इस वक्त हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। मांझी सीट पर रणधीर पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश में हैं।
🔹 10. शिवानी शुक्ला (लालगंज, वैशाली) - 'मुन्ना शुक्ला' की बेटी
राजद प्रत्याशी शिवानी शुक्ला बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी हैं। इस सीट से पहले मुन्ना शुक्ला और उनकी पत्नी अनु शुक्ला विधायक रह चुके हैं। लालगंज की यह सीट शुक्ला परिवार का पारंपरिक गढ़ मानी जाती है।












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