NDA या महागठबंधन? बिहार चुनाव में कौन मारेगा बाजी? किसकी बनेगी सरकार? सर्वे में आया चौंकाने वाला आंकड़ा
Bihar Election 2025 (JVC survey): बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अब सवाल ये है-एनडीए (BJP+JDU) अपनी सीटों पर कब्जा जमाएगा या महागठबंधन (RJD+कांग्रेस+सहयोगी दल) वापसी करेगा? ताजा JVC सर्वे में इस पर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
JVC सर्वे के मुताबिक इस बार एनडीए (NDA) बिहार में आगे रहने की संभावना रखता है। 245 विधानसभा सीटों में से एनडीए को 136 सीटें जीतने का अनुमान है। इसमें भाजपा को 64 सीटों पर जीत और 17 सीटों पर बढ़त दिखाई गई है, जबकि जदयू को 29 सीटों पर जीत और 2 सीटों पर बढ़त मिलने की संभावना है। बाकी NDA सहयोगी दलों के खाते में 18 सीटें आने की संभावना बताई गई है।

वहीं महागठबंधन (MGB) को सर्वे में 75 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। इसमें RJD के खाते में 37 सीटें हैं और 15 सीटों पर बढ़त दिखाई गई है। कांग्रेस को 8-10 सीटें मिल सकती हैं, भाकपा माले को 7 सीटें और बाकी सहयोगी दल मिलकर 5 सीटें जीत सकते हैं।
JVC सर्वे का सैंपल साइज (सर्वे में शामिल लोगों की संख्या) 63 हजार 419 था। इसमें 34,560 पुरुष शामिल थे और 28,859 महिलाएं। ये सर्वे 7 जुलाई से 18 अगस्त 2025 के बीच किया गया था।
सर्वे में यह भी कहा गया है कि भाजपा जितनी सीटें जीतना चाहती है, उसमें जदयू और नीतीश कुमार की भूमिका बेहद अहम होगी। इसके अलावा, सर्वे में यह भी संकेत मिला है कि जो युवा पहले कम्युनिस्ट पार्टियों का समर्थन करते थे, वे अब जन सुराज पार्टी (JSP) की ओर रुख कर रहे हैं।
▶️ आज चुनाव हुए तो बिहार में NDA को कितनी सीटें ?
- एनडीए (NDA) कुल: 136 सीटें
- भाजपा (BJP): 64
- भाजपा का एडवांटेज: 17
- जदयू (JDU): 29
- जदयू का एडवांटेज: 2
- NDA सहयोगी दलों की जीत: 6
- NDA के दूसरे साथी आगे: 18
▶️ आज हुए चुनाव तो महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) को कितनी सीटें?
महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) कुल: 75 सीटें
- आरजेडी (RJD): 37
- आरजेडी का एडवांटेज: 15
- कांग्रेस: 8
- कांग्रेस का एडवांटेज: 2
- भाकपा माले (CPIML): 7
- महागठबंधन सहयोगी दलों की जीत: 1
- सहयोगी दलों आगे : 3
- CPI आगे: 2
▶️ बिहार में आज हुए चुनाव तो अन्य दल और क्षेत्रीय पार्टियां को कितनी मिलेगी सीटें?
- एआईएमआईएम (AIMIM): 3
- बहुजन समाज पार्टी (BSP): 1
- जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party): 2
- अन्य: 6
▶️ सर्वे में कहा गया है कि 26 सीटें ऐसी होगीं, जिसपर कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। इन 26 सीटों पर हार-जीत का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल होगा। यानी ये 26 सीटें जीत का फैक्टर बन सकती है।
▶️ अगर आज चुनाव हुए तो किस पार्टी को कितना वोट प्रतिशत?
🔹NDA (BJP+JDU): 42-46 प्रतिशत
🔹इंडिया ब्लॉक (महागठबंधन) : 37-41 प्रतिशत
🔹जनसुराज : 9-11 प्रतिशत
🔹अन्य: 7-8 प्रतिशत
▶️बिहार में क्षेत्रवार सीट वितरण?
🔹 तिरहुत- कुल 49 विधानसभा सीट
- एनडीए (BJP+JDU): 35 सीटें
- महागठबंधन (RJD+ कांग्रेस): 11 सीटें
- कांटे की टक्कर वाली सीटें (Battleground): 3 सीटें
🔹 सीमांचल: कुल 24 सीटें
- एनडीए (NDA): 10
- महागठबंधन (MGB): 10
- मुस्लिम इत्तेहाद मोर्चा (MIM): 3
- कांटे की टक्कर वाली सीटें: 1
🔹 मिथिला: कुल 42 सीटें
- एनडीए (NDA): 31
- महागठबंधन (MGB): 7
- जन सुराज पार्टी (JSP): 1
- कांटे की टक्कर वाली सीटें: 3
🔹 मगध: कुल 50 सीटें
- एनडीए (NDA): 21
- महागठबंधन (MGB): 24
- कांटे की टक्कर वाली सीटें: 5
🔹 भोजपुर: कुल 55 सीटें
- एनडीए (NDA): 24
- महागठबंधन (MGB): 20
- जन सुराज पार्टी (JSP): 1
- बहुजन समाज पार्टी (BSP): 1
- कांटे की टक्कर वाली सीटें : 9
🔹 अंग: कुल 23 सीटें
- एनडीए (NDA): 15
- महागठबंधन (MGB): 3
- कांटे की टक्कर वाली सीटें : 5
▶️ बिहार में सबसे बड़े मुद्दे क्या है?
- कानून-व्यवस्था (Law & Order): 26.9%
- जाति जनगणना (Caste Census): 23.5%
- बेरोजगारी (Unemployment): 21.2%
- ओप सिंदूर (Op Sindoor): 14.4%
- वोट चोरी (Vote Chori): 14%
▶️ सर्वे को लेकर JDU और RJD ने क्या कहा?
सर्वे को लेकर जदयू प्रवक्ता डॉ. अनुप्रिया यादव ने कहा,यह स्पष्ट संदेश है: 'नीतीश हैं तो निश्चित हैं' और 'नीतीश हैं तो बिहार में विकास है' वहीं राजद प्रवक्ता ने कहा कि वोट-चोरी का मुद्दा डेटा में ज्यादा दिखाई नहीं देता क्योंकि इससे प्रभावित लोगों ने डिजिटल डिवाइड के कारण ऐसे सर्वेक्षणों में हिस्सा नहीं लिया होगा।
सर्वे में यह भी कहा गया है कि उपमुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी) को सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है और वह अपनी ही सीट पर असुरक्षित हैं। अगर चिराग पासवान चुनाव लड़ते हैं तो तेजस्वी यादव को भी मुश्किल हो सकती है, क्योंकि वह भी सत्ता विरोधी लहर से जूझ रहे हैं।
JVC सर्वे में साफ संकेत मिला है कि NDA इस बार बढ़त में है, लेकिन महागठबंधन भी पीछे नहीं है। 26 कांटे की टक्कर वाली सीटें इस चुनाव की जीत का फैक्टर साबित हो सकती हैं। वोट प्रतिशत और क्षेत्रवार सीटों को देखें तो यह चुनाव सिर्फ नंबरों का नहीं, बल्कि रणनीति और गठबंधन की ताकत का भी है।












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