Bihar Election 2025: तेजस्वी यादव ने सरेआम खोला राज! बताया BJP से कौन-सी एक चीज सीखने लायक
Bihar Election 2025: बिहार में इस समय राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं और आरोप-प्रत्यारोप का तूफानी दौर जारी है। इसी गहमागहमी के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बीजेपी को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सभी को चौंका दिया है।
आमतौर पर भाजपा के धुर विरोधी माने जाने वाले तेजस्वी से जब एक पॉडकास्ट में यह पूछा गया कि वह कौन-सी एक अच्छी चीज है जो वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) से सीखना चाहेंगे, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के ऐसी क्वालिटी बताई जिसे सुनकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा छिड़ गई है।

क्या है BJP से सीखने लायक सबसे बड़ी बात?
तेजस्वी यादव ने तुरंत जवाब दिया कि बीजेपी से सीखने लायक सबसे बड़ी बात उनकी 24x7 काम करने की क्षमता है। हालांकि, उन्होंने यह जोड़ा कि भाजपा 'उल्टा काम' करती है, लेकिन उनके समर्पण और मेहनत पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
तेजस्वी ने साफ कहा कि बीजेपी नेता अपनी विचारधारा (Ideology) और अपनी पार्टी को लेकर पूरी तरह से समर्पित (Dedicated) रहते हैं और लगातार प्रयास करते हैं।
बिहार में विधानसभा चुनावों की सरगर्मी अपने चरम पर है, जहां दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर हमलावर हैं, ऐसे माहौल में तेजस्वी का यह बयान कि उनके विरोधी 'मेहनत' करते हैं और अपनी पार्टी के प्रति 'समर्पित' हैं- यह दर्शाता है कि राजनीति में विरोधी भी अपनी ताकत को पहचानते हैं। यह स्वीकारोक्ति न केवल तेजस्वी की मैच्योरिटी को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि विपक्ष भाजपा की चुनावी मशीनरी की अटूट मेहनत को नजरअंदाज नहीं कर रहा है।
विधानसभा चुनाव के लिए नियमों में कई बड़े बदलाव
दूसरी ओर चुनावी रणभेरी बजने से पहले ही बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नियमों में कई बड़े बदलाव की घोषणा कर दी गई है। अब न सिर्फ बूथ पर मोबाइल ले जाने की अनुमति मिलेगी, बल्कि वोटिंग की प्रक्रिया और ट्रांसपेरेंसी में भी कई अहम सुधार किए गए हैं ताकि वोटर्स का अनुभव बेहतर हो सके।
पटना में क्या क्या बोले मुख्य चुनाव आयुक्त?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) ने रविवार को पटना में इन नए उपायों की रूपरेखा पेश की। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान न सिर्फ सुचारू हो, बल्कि इसमें किसी तरह का भ्रम न रहे, खासकर तब जब राज्य में 22 नवंबर, 2025 से पहले चुनाव होने हैं।
बिहार चुनाव में किस चीज पर रहेगा जोर?
CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को मतदाता-अनुकूल बनाने और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने पर खास जोर दिया है। उन्होंने घोषणा की कि अब हर मतदान केंद्र पर 1,200 से ज्यादा मतदाता नहीं होंगे, जिससे भीड़ कम होगी और वोटिंग आसान होगी।
बूथ लेवल के अधिकारियों के लिए भी नया नियम
साथ ही अब बूथ लेवल के अधिकारियों (BLOs) को पहचान पत्र जारी किए गए हैं, ताकि उनकी पहचान आसानी से हो सके। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब मतदाता अपना मोबाइल फोन बूथ के बाहर एक सुरक्षित कमरे में जमा करा सकेंगे, जिससे उन्हें अपने फोन घर पर छोड़ने की चिंता नहीं रहेगी। ट्रांसपेरेंस के लिए हर मतदान केंद्र पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग भी की जाएगी, जिससे आयोग हर गतिविधि पर नजर रख सकेगा।
मतपत्रों को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया गया है: अब मतपत्रों (EVM पर) पर उम्मीदवारों की तस्वीरें रंगीन होंगी, जिससे पहचान में आसानी होगी। इसके अलावा, सीरियल नंबर का फ़ॉन्ट भी बड़ा किया जाएगा। मतगणना प्रक्रिया को भी दुरुस्त किया गया है।
अब EVM मतगणना के अंतिम दो राउंड से पहले डाक मतपत्रों की गिनती अनिवार्य होगी। साथ ही फॉर्म 17C और EVM मतगणना यूनिट में विसंगति पाए जाने पर, अब केवल प्रभावित VVPAT की ही पूरी गिनती की जाएगी। इन उपायों का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बिहार चुनाव पूरे देश के लिए एक उदाहरण बने।












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