Bihar Election 2025: पहले फेज में नाम वापसी से सियासी पारा चढ़ा, क्या है उम्मीदवारों की अंतिम सूची और नंबर गेम
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Elections) अब अपने अंतिम चरण में हैं। पहले फेज के मतदान के लिए कुल 1375 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र जमा किए थे, जिनकी जांच चुनाव आयोग ने पूरी कर ली है।
इसमें से 61 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया, जिससे पहले फेज के लिए अब 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं। जनता इन उम्मीदवारों के बीच 6 नवंबर को अपने वोट डालकर निर्णय करेगी।

दूसरे फेज में वोटिंग 11 नवंबर को होगी और दोनों फेज के परिणाम 14 नवंबर के अंत तक आने की संभावना है। चुनाव आयोग ने इन आंकड़ों के साथ चुनावी तैयारियों की पूरी जानकारी जारी की है।
राज्य में राजनीतिक हलचल तेज
बिहार चुनाव में महागठबंधन की भी राजनीतिक हलचल बढ़ी है। JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) ने 18 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह इस बार केवल छह सीटों - जमुई, चकाई, धमदाहा, मनिहारी, पीरपैंती और कटोरिया - पर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन नामांकन की आखिरी तारीख तक उन्होंने उम्मीदवारों की अंतिम लिस्ट जारी नहीं की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान JMM के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कांग्रेस और राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी सीमित सीटों पर लड़ने के लिए तैयार थी, लेकिन गठबंधन के अंदर विश्वास और समन्वय की कमी के कारण उन्हें धोखा दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी कारण उनकी पार्टी इस बार गठबंधन से दूरी बनाए हुए है।
नाराज नेताओं का मान मनौल जारी
जन सुराज पार्टी के गोपालगंज सीट से उम्मीदवार शशि शेखर सिन्हा ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके अलावा, ब्रह्मपुर सीट से डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी ने भी मैदान छोड़ दिया। पहले वे बीजेपी से टिकट न मिलने के बाद जन सुराज से चुनाव लड़ने का निर्णय लिए थे, लेकिन उन्होंने नाम वापसी कर दी। वहीं, दानापुर सीट पर जन सुराज के सिंबल मिलने के बावजूद नामांकन दाखिल नहीं किया। इसके साथ ही पार्टी के तीन उम्मीदवार अब चुनावी दौड़ से बाहर हो चुके हैं।
वहीं, बक्सर विधानसभा सीट से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले अमरेंद्र पांडे ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से बातचीत के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया। इसी तरह पटना साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार शिशिर कुमार ने भी नामांकन वापस लिया। शिशिर कुमार बीजेपी से टिकट न मिलने पर बगावत पर उतर आए थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व उन्हें मनाने में सफल रहा।
अन्य सीटों पर नामांकल में बदलाव
तारापुर विधानसभा सीट: वीआईपी पार्टी के उम्मीदवार सकलदेव बिंद ने नामांकन वापस लिया और बीजेपी में शामिल होकर सम्राट चौधरी का समर्थन किया।
गोपालगंज सीट: बीजेपी विधायक की मां कुसुम देवी का टिकट कटने के बाद निर्दलीय बने अनिकेत कुमार सिंह ने भी नामांकन वापस ले लिया।
पहले फेज में सबसे ज्यादा उम्मीदवार मुजफ्फरपुर और कुढ़नी विधानसभा सीटों पर हैं। इन दोनों सीटों पर 20-20 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं, भोरे, अलौली और परबत्ता सीटों पर सबसे कम उम्मीदवार हैं, केवल 5-5 प्रत्याशी मैदान में हैं।
243 सीटों का क्या है समीकरण?
बिहार विधानसभा चुनाव इस बार दो चरणों में हो रहा है। पहले फेज में 121 सीटों पर वोटिंग होगी, जबकि दूसरे फेज में बचे हुए 122 सीटों पर मतदान होगा। 243 विधानसभा सीटों में से 203 सामान्य, 38 अनुसूचित जाति (SC) और 2 अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल लगभग 7.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 3.92 करोड़ पुरुष, 3.50 करोड़ महिलाएं और 1725 ट्रांसजेंडर वोटर शामिल हैं।
पहले फेज के नामांकन वापसी और उम्मीदवारों की स्थिति ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की राजनीतिक तस्वीर को और अधिक जटिल बना दिया है। महागठबंधन और बीजेपी दोनों के भीतर हलचल तेज है, वहीं जन सुराज पार्टी को झटका लगा है। अब बिहार की जनता 6 नवंबर को पहले फेज में अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी, और राज्य की सियासत अगले कुछ हफ्तों में और भी गर्म होने की संभावना है।











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