बिहार चुनाव से पहले नीतीश कुमार को परेशान कर सकता है ये सर्वे! ओपिनियन पोल में सामने आ रहे चौंकाने वाले आंकड़े
Bihar Election Opinion Poll (Nitish Kumar): बिहार की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जादू अब फीका पड़ रहा है? ताजा ओपिनियन पोल्स और सर्वे रिपोर्ट्स यही इशारा कर रहे हैं। इंडिया टुडे-सीवोटर के Mood of the Nation (MOTN) सर्वे में देशभर के मुख्यमंत्रियों की परफॉर्मेंस पर जनता की राय ली गई, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि नीतीश कुमार का नाम बेस्ट परफॉर्मिंग सीएम की लिस्ट में कहीं नहीं है।
बिहार चुनाव से पहले इन सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े NDA के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार तीन दशकों से बड़ा नाम हैं, लेकिन अब सवाल उठ रहा है-क्या नीतीश कुमार का राजनीतिक करिश्मा खत्म होने की कगार पर है? बार-बार बदले गठबंधन, विपक्ष की मजबूत होती पकड़ और जनता में बढ़ती नाराजगी इस ओर इशारा कर रही है कि 2025 का चुनाव उनके लिए बेहद कठिन साबित हो सकता है।

🔴 देशभर के सीएम की रैंकिंग, लेकिन नीतीश गायब
सर्वे के मुताबिक असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सीएम बने। अगस्त 2025 में 44.6% लोगों ने उनके कामकाज को संतोषजनक बताया, जबकि फरवरी 2025 में ये आंकड़ा 55% था। इसके बावजूद वे पहले नंबर पर हैं।
छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय 42% पॉपुलैरिटी के साथ दूसरे नंबर पर रहे, जबकि झारखंड के हेमंत सोरेन ने 31% से बढ़कर 42% तक पहुंचते हुए तीसरी पोजिशन हासिल की। यानी पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्री जनता का भरोसा जीत रहे हैं, लेकिन नीतीश कुमार का नाम इस टॉप लिस्ट से पूरी तरह गायब है।

🔴 बिहार चुनाव सर्वे: बिहार CM के लिए पहली पसंद कौन?
ताज़ा Times Now-JVC Survey में जनता से पूछा गया कि वे बिहार का अगला मुख्यमंत्री किसे देखना चाहते हैं। तेजस्वी यादव सबसे आगे निकले, 30% लोगों ने उन्हें पहली पसंद बताया। नीतीश कुमार को सिर्फ 23% लोगों का समर्थन मिला। प्रशांत किशोर (PK) को 14%, चिराग पासवान और सम्राट चौधरी को 9-9%, जबकि 10% लोगों का कहना था कि महागठबंधन से कोई और चेहरा सामने आना चाहिए।
🔴 इंडिया टुडे-सी वोटर सर्वे: नीतीश से आगे तेजस्वी
जून 2025 के इंडिया टुडे-सी वोटर सर्वे ने भी यही तस्वीर पेश की। बिहार में नेता प्रतिपक्ष रहते हुए भी उनकी लोकप्रियता में गिरावट नहीं आई है। फरवरी 2025 में उनकी पॉपुलैरिटी 40.6% थी, जो अप्रैल में 35.5% और मई में 36.9% दर्ज की गई। यानी आंकड़े बताते हैं कि उनका जनाधार स्थिर है और लगातार बना हुआ है।
सर्वे से यह भी सामने आया कि युवा, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक मतदाता तेजस्वी पर भरोसा जता रहे हैं। इसके उलट, नीतीश कुमार की नीतियों को लेकर जनता में निराशा दिख रही है। वहीं, बीजेपी से उनकी दूरी बढ़ने के बाद तेजस्वी यादव को जनता एक मजबूत विकल्प मान रही है। नीतीश कुमार की लोकप्रियता फरवरी में 18.4%, अप्रैल में 15.4% और मई में 18.4% ही रही। यानी नीतीश स्थिर हैं, लेकिन तेजस्वी से पीछे हैं।
फरवरी 2025 में कराए गए इंडिया टुडे-सी वोटर सर्वे के मुताबिक बिहार की जनता में 41% लोग तेजस्वी यादव को अपनी पहली पसंद मानते हैं। इसके मुकाबले, सिर्फ 18% लोग चाहते हैं कि नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालें।
🔴 नीतीश कुमार की घटती पकड़ के पीछे वजहें
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक नीतीश कुमार की लोकप्रियता में गिरावट के पीछे कई कारण हैं।
- बार-बार गठबंधन बदलना -कभी बीजेपी, कभी महागठबंधन, और फिर से बीजेपी से हाथ मिलाना।
- उम्र और नेतृत्व की थकान - जनता को लगता है कि उनकी कार्यशैली पहले जैसी तेज़ नहीं रही।
- युवा नेतृत्व का उभार - तेजस्वी यादव नए चेहरे के तौर पर जनता की उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं।
- नीतियों से नाराजगी - विकास और रोजगार को लेकर नीतीश सरकार से जनता का भरोसा कम हुआ है।












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