Bihar Opinion Poll: जातीय गणित ने बदल दिया खेल! बिहार के किस जोन में NDA टिकेगा, कहां MGB कर देगा क्लीन बोल्ड?

Bihar Election 2025 Opinion Poll: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी पारा चढ़ चुका है और अब लोक पोल का ताजा मेगा सर्वे राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रहा है। सर्वे की रिपोर्ट साफ इशारा करती है कि इस बार का चुनाव सीधा-सीधा जातीय समीकरण, लोकल मुद्दे और गठबंधन की रणनीति पर टिका है।

कहीं एनडीए को ऊपरी जातियों का मजबूत साथ मिल रहा है, तो कहीं महागठबंधन यादव-मुस्लिम समीकरण और पिछड़ी जातियों के सहारे मजबूती से खड़ा है। दिलचस्प यह है कि कुछ इलाकों में जन सुराज और पप्पू यादव जैसे खिलाड़ी भी बड़ा फर्क डालते दिख रहे हैं। आइए जोन-वाइज नजर डालते हैं कि किस इलाके में किसकी लहर चल रही है और किसके लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। ये भी जानेंगे कि किस जाति का सपोर्ट किसको मिल रहा है।

Bihar Election 2025 Opinion Poll

🟢 बिहार लोक पोल मेगा सर्वे: किस जोन में किसकी बढ़त?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर लोक पोल का ताजा मेगा सर्वे सामने आया है। इस सर्वे में अलग-अलग जोन में एनडीए और महागठबंधन (MGB) के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। आइए जानते हैं किस इलाके में किस दल की स्थिति कैसी है और किस जाति वाले किसको सपोर्ट करेंगे।

🟢 भागलपुर जोन (Bhagalpur Zone)

इस इलाके में एनडीए (NDA) को ऊपरी जातियों का मज़बूत समर्थन मिला हुआ है, जिसकी वजह से उसका पलड़ा भारी है। महागठबंधन (MGB) यहाँ पिछड़ी जातियों (EBC) जैसे गंगौता और मल्लाह समुदाय में पकड़ बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक बड़ी सफलता नहीं मिली है। पिछली बार की तुलना में स्थिति लगभग वैसी ही बनी हुई है। हालांकि, कुछ सीटों पर दोनों दलों की अपनी-अपनी मजबूती भी देखने को मिल रही है।

यहां एनडीए को 6 से 8 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 4 से 5 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों को 0 से 1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।

🟢 दरभंगा जोन (Darbhanga Zone)

इस जोन में एनडीए को ऊपरी जातियों के मजबूत वोट बैंक का फायदा मिल रहा है। वहीं, महागठबंधन मुसलमान-यादव (MY) समीकरण के मजबूत होने से लगातार बढ़त हासिल कर रहा है। यादवों में धार्मिक ध्रुवीकरण की कमी ने भी MGB को फायदा पहुंचाया है। इसके अलावा कुशवाहा और मल्लाह वोटरों का समर्थन भी महागठबंधन को मिल रहा है, जिसमें राहुल गांधी की सक्रियता और वीआईपी पार्टी की भूमिका अहम रही है।

इस जोन में एनडीए को बढ़त दिख रही है। एनडीए को 15-17 सीटें और महागठबंधन को 11-13 सीटें मिलने का अनुमान है।

🟢 कोसी जोन (Kosi Zone)

कोसी इलाके में एससी (SC) और कुशवाहा समुदाय का झुकाव महागठबंधन की तरफ बढ़ रहा है। इस बदलाव से MGB को यहां बड़ी बढ़त मिलती दिख रही है। यादव वोटरों का मज़बूत समर्थन और बाढ़ राहत कार्यों में सरकार की नाकामी ने MGB की पकड़ और मजबूत की है। वहीं, जेडीयू (JDU) की छवि कानून व्यवस्था और शासन को लेकर कमजोर होती दिख रही है।

इस इलाके में कड़ा मुकाबला है। एनडीए को 6-7 और महागठबंधन को 5-6 सीटें मिल सकती हैं।

🟢 मगध जोन (Magadh Zone)

इस ज़ोन में मुसलमान-यादव (MY) समीकरण महागठबंधन के लिए सबसे बड़ा हथियार बना हुआ है। कुशवाहा समुदाय का समर्थन भी पहले जैसा कायम है। धीरे-धीरे मुसहर वोटरों का झुकाव भी MGB की ओर बढ़ रहा है। जीतन राम मांझी का प्रभाव मुसहरों में पहले जैसा नहीं रहा। वहीं, रविदास समुदाय राजेश राम की सक्रियता के चलते महागठबंधन के साथ एकजुट होता दिख रहा है।

यहां महागठबंधन मजबूत नजर आ रहा है। उसे 14-16 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि एनडीए को 10-12 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों को 0-1 सीट का मौका है।

🟢 मुंगेर जोन (Munger Zone)

इस ज़ोन में भूमिहार समुदाय में बंटवारे की वजह से एनडीए की पकड़ कमजोर हो रही है। दूसरी ओर, एनडीए में कुर्मी-धनुक वर्चस्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है, जिसका फायदा MGB को मिल रहा है। एनडीए नेताओं में गुटबाजी भी इसकी एक और बड़ी वजह है। कुशवाहा, मल्लाह और पासवान वोटरों का एक हिस्सा भी अब महागठबंधन की ओर खिसकता दिख रहा है।

मुंगेर: दोनों गठबंधनों के बीच कांटे की टक्कर है। एनडीए और महागठबंधन को लगभग बराबर यानी 10-12 सीटें मिलने का अनुमान है।

🟢 पटना जोन (Patna Zone)

राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में कुशवाहा वोटरों का झुकाव महागठबंधन की तरफ बढ़ रहा है। रविदास समुदाय का भी समर्थन महागठबंधन को मजबूती दे रहा है। इस ज़ोन में बहुजन समाज पार्टी (BSP) का असर काफी घट गया है, खासकर भोजपुर और पटना जिलों में। वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने ऊपरी जातियों के बीच काम करके एनडीए की मज़बूती को कमजोर किया है।

राजधानी क्षेत्र में महागठबंधन को बड़ी बढ़त दिख रही है। उसे 26-28 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एनडीए 14-16 सीटों तक सीमित रह सकता है। अन्य दलों को यहां 0-1 सीट मिल सकती है।

🟢 पूर्णिया जोन (Purnia Zone)

पूर्णिया इलाके में AIMIM की पकड़ कमज़ोर हुई है, जिसका फायदा महागठबंधन को मिला है। मुस्लिम वोट अब बड़े पैमाने पर MGB के साथ एकजुट हो रहे हैं। कुशवाहा समुदाय का एक हिस्सा भी MGB की तरफ झुक रहा है। साथ ही पप्पू यादव की मौजूदगी ने महागठबंधन की ताकत और बढ़ा दी है। इस बार वोटकटवा पार्टियों की कमी ने भी MGB को सीधा फायदा दिया है।

यहां मुकाबला बराबरी का है। एनडीए और महागठबंधन दोनों को 10-11 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, अन्य दलों को 2-3 सीटें मिलने का अनुमान है।

🟢 सारण जोन (Saran Zone)

इस इलाके में एनडीए के भीतर राजपूत नेताओं की अधिकता ने गुटबाजी को बढ़ाया है। भूमिहार समुदाय के कुछ हिस्से राजपूत वर्चस्व से नाराज़ होकर महागठबंधन का रुख कर रहे हैं। रविदास वोटर भी बंटे हुए हैं, लेकिन एक बड़ा हिस्सा MGB की ओर खिसक रहा है। वहीं, कुशवाहा समुदाय भी एनडीए छोड़कर महागठबंधन की ओर जाता दिख रहा है।

इस जोन में भी महागठबंधन आगे है। उसे 12-13 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एनडीए को 10-11 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य दलों को 0-1 सीट मिल सकती है।

🟢 तिरहुत जोन (Tirhut Zone)

इस इलाके में जन सुराज पार्टी का असर ऊपरी जातियों के बीच साफ दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद एनडीए यहां अपनी व्यापक जातीय पकड़ की वजह से बढ़त बनाए हुए है। महागठबंधन की सबसे बड़ी ताकत अभी भी मुसलमान-यादव (MY) समीकरण है, लेकिन इसके अलावा वह ज़्यादा वोटरों को अपने साथ जोड़ने में संघर्ष कर रहा है। बीजेपी यहाँ अब भी बनिया और ईबीसी वोटरों में मज़बूत पकड़ रखे हुए है।

तिरहुत: इस इलाके में एनडीए को बढ़त दिखाई दे रही है। उसे 25-27 सीटें और महागठबंधन को 21-22 सीटें मिलने का अनुमान है।

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