Bihar MLA Net Worth: बिहार चुनाव में जीते विधायकों के पास कितनी संपत्ति? किस पार्टी में सबसे ज्यादा करोड़पति?
Bihar MLA Net Worth: बिहार चुनाव 2025 के नतीजे आते ही विधानसभा की नई तस्वीर साफ हो गई है लेकिन इस बार सबसे ज्यादा चर्चा किसी पार्टी की सीटों से ज्यादा विधायकों की संपत्ति को लेकर हो रही है। राजनीति में पैसे का बढ़ता प्रभाव अब किसी से छिपा नहीं है। लोकसभा और विधानसभा में गरीब या कम संपत्ति वाले जनप्रतिनिधि अब गिनती में ही बचे हैं।
यही वजह है कि इस बार बिहार विधानसभा पहुंचने वाले 243 विधायकों में से 218 करोड़पति हैं। यानी लगभग 90% विधायक इतने अमीर हैं कि करोड़ों की संपत्ति उनके लिए आम बात है। केवल 25 MLA ही ऐसे हैं जिनकी कुल संपत्ति 1 करोड़ से कम है। स्थिति यह है कि सबसे गरीब और सबसे अमीर विधायक के बीच की दूरी 169 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

🟡 कौन हैं सबसे गरीब MLA और कितनी है उनके पास संपत्ति?
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सबसे कम संपत्ति वाले विधायक भाजपा के मुरारी पासवान हैं, जो पीरपैंती सीट से जीते हैं। पासवान के पास सिर्फ 6.53 लाख रुपये की संपत्ति है। यह आंकड़ा दिखाता है कि आज के राजनीतिक माहौल में कम संसाधनों वाला नेता लगभग 'दुर्लभ प्रजाति' जैसा हो गया है।
🟡 कौन हैं सबसे अमीर MLA और कितनी है उनके पास संपत्ति?
बात अगर सबसे अमीर विधायक की करें तो पहला नाम आता है बीजेपी के कुमार प्रणय का, जो मुंगेर से जीते हैं। उनके पास 170 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है।
दूसरे नंबर पर हैं जेडीयू के अनंत सिंह, जिनकी संपत्ति 100 करोड़ बताई गई है। वहीं तीसरे नंबर पर हैं जेडीयू के डॉ. कुमार पुष्पंजय, जिनके पास 94 करोड़ की प्रॉपर्टी है। यानी शीर्ष तीनों की संपत्ति जोड़ दें तो अकेले ये तीन विधायक लगभग 364 करोड़ के मालिक हैं।
🟡 तीन सबसे गरीब विधायक भी भाजपा के और तीनों दलित सीटों से
गरीब विधायकों की लिस्ट में दूसरा और तीसरा स्थान भी भाजपा के ही नेताओं के पास है, अगिआंव से महेश पासवान - 8.55 लाख की संपत्ति, राजनगर से सुजीत कुमार 11 लाख की संपत्ति है। दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों विधायक SC रिजर्व सीटों पर जीते हैं।
🟡 विधायकों की औसत संपत्ति: 9 करोड़ रुपये
एडीआर के विश्लेषण के मुताबिक 243 विधायकों की औसत संपत्ति 9 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है। 2010 में औसत संपत्ति 82 लाख थी। 2015 में यह बढ़कर 4 करोड़ हुई। 2020 में 4 करोड़ से थोड़ा ऊपर और अब 2025 में यह सीधे 9 करोड़ पहुंच गई है। यानी पिछले 15 साल में बिहार के विधायकों की संपत्ति 11 गुना बढ़ गई है।
🟡 कितने MLA किस संपत्ति वाले रेंज में आते हैं?
🔹 10 करोड़+ वाले - 55 विधायक
🔹 5-10 करोड़ वाले - 44 विधायक
🔹 1-5 करोड़ वाले - 119 विधायक
🔹 20 लाख-1 करोड़ वाले - 21 विधायक
🔹 20 लाख से कम वाले - केवल 4 विधायक
🔹 स्पष्ट है कि आधे से ज्यादा विधायक ऐसे हैं जिनके पास 1 से 5 करोड़ के बीच संपत्ति है।
🔵 किस पार्टी में सबसे ज्यादा करोड़पति?
अब बात करते हैं पार्टीवार करोड़पति विधायकों की-किस दल में अमीरों की भरमार है और किसमें कम।
🟡 JDU - टॉप पर
- कुल जीते विधायक: 85
- करोड़पति: 78
- जेडीयू इस बार सबसे अमीर विधायकों वाली पार्टी बन गई है।
🟡BJP - दूसरे नंबर पर
- जीते विधायक: 89
- करोड़पति: 77
- बीजेपी के 86% विधायकों के पास करोड़ों की संपत्ति है।
🟡 RJD - लगभग सभी करोड़पति
- जीते विधायक: 25
- करोड़पति: 24
- लालू-तेजस्वी की पार्टी में गरीबी लगभग खत्म हो चुकी है।
🟡 LJP(R) - चिराग पासवान की पार्टी भी पीछे नहीं
- जीते: 19
- करोड़पति: 16
🟡 HAM - मांझी की पार्टी
- जीते: 5
- करोड़पति: 4
- बाकी दल - 100% करोड़पति
🟡 कांग्रेस - 6 में 6
🟡 AIMIM - 5 में 5
🟡 RLM - 4 में 4
🟡 CPI(M) - 1 में 1
🟡 IIP - 1 में 1
🟡 BSP - 1 में 1
यानी छोटे दलों के लगभग सभी विधायक करोड़पति हैं।
बिहार विधानसभा की नई तस्वीर: अमीरों की मंडली
2025 की विधानसभा को देखें तो साफ नजर आता है कि अब राजनीति में जगह बनाना गरीब या आम परिवारों के लिए बेहद कठिन हो चुका है। टिकट से लेकर चुनावी कैंपेन तक-सब कुछ इतना महंगा हो चुका है कि बिना धनबल के चुनाव जीतना लगभग नामुमकिन है।
जहां एक तरफ राजनीति को समाज की आवाज कहा जाता है, वहीं आंकड़े बताते हैं कि इस 'आवाज' में अब अमीरों का दबदबा लगातार बढ़ रहा है।












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