Bihar Election 2025: JDU की पहली लिस्ट में कितने सवर्ण, OBC और ST/SC, कौन हुआ मजबूत?
Bihar Election 2025 (JDU Candidate): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए जेडीयू ने बुधवार (15 अगस्त) को अपनी पहली कैंडिडेट लिस्ट जारी कर दी। इस लिस्ट में कुल 57 उम्मीदवार शामिल हैं, जिसमें पार्टी ने जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए टिकट बांटे हैं। चुनावी रणनीति के तहत जेडीयू ने ओबीसी, सवर्ण और एससी/एसटी वर्ग के प्रतिनिधियों का संतुलन साधने की कोशिश की है, जिससे लगता है कि नीतीश कुमार इस बार सभी समुदायों को संतुष्ट करने की रणनीति पर हैं।
सवर्ण, OBC और SC/ST का पूरा ब्योरा
जेडीयू की पहली लिस्ट में करीब 15 सीटें सवर्ण वर्ग (ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार और कायस्थ) को दी गई हैं। वहीं ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों की संख्या लगभग 20 है, जबकि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को कुल 14 सीटें दी गई हैं। बाकी सीटों को EBC और अति पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के बीच बांटा गया है। इस तरह, जेडीयू ने जातीय समीकरण को साधते हुए यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी हर वर्ग को समान प्रतिनिधित्व दे रही है।

खास बात यह है कि इस लिस्ट में किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार का नाम नहीं है। वहीं, पार्टी ने अपने पुराने नेताओं और मंत्रियों पर भरोसा जताया है। कुल छह मंत्रियों को भी टिकट दिया गया है, जिसमें रत्नेश सदा, मदन साहनी, महेश्वर हजारी, विजय कुमार चौधरी, सुनील कुमार और श्रवण कुमार शामिल हैं।
बाहुबली कैंडिडेट्स पर जेडीयू की नजर
जेडीयू ने इस लिस्ट में तीन बाहुबली नेताओं को टिकट दिया है। मोकामा से अनंत सिंह, एकमा से धुमल सिंह और कुचाइएकोट से अमरेंद्र पांडेय इस बार चुनाव मैदान में उतरेंगे। इसके अलावा, चिराग पासवान के दावे वाली पांच सीटों सोनबरसा, अलौली, राजगीर, एकमा और मोरवा पर भी जेडीयू ने अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं।
महिला उम्मीदवारों और रिपीट विधायकों की स्थिति
जेडीयू ने अपनी पहली लिस्ट में चार महिलाओं को भी टिकट दिया है, जो पार्टी की महिला सशक्तिकरण की पहल को दिखाता है। वहीं, 18 विधायकों को फिर से चुनावी मैदान में उतारा गया है, जबकि दो विधायकों का टिकट कट गया है। इनमें सकरा से आदित्य कुमार और बरबीघा से सुदर्शन कुमार शामिल हैं। 2020 में हिलसा से केवल 12 वोटों के अंतर से जीतने वाले कृष्ण मुरारी शरण ऊर्फ प्रेम मुखिया को फिर से मौका मिला है।
चुनावी रणनीति और सामाजिक संदेश
जेडीयू की इस पहली लिस्ट से यह साफ है कि नीतीश कुमार सामाजिक समीकरण और जातीय संतुलन को लेकर बेहद सतर्क हैं। पार्टी ने ओबीसी और सवर्ण वर्ग के बीच सीटों का संतुलन साधते हुए यह संदेश दिया है कि किसी भी समुदाय को नजरअंदाज नहीं किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह लिस्ट जेडीयू की कोशिश है कि वे सभी वर्गों के मतदाताओं को संतुष्ट कर सकें और पिछले चुनावों की तरह फिर से सत्ता में मजबूत स्थिति बना सकें।
वोटिंग शेड्यूल और आगे की रणनीति
2025 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू कुल 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पहले चरण के लिए वोटिंग 6 नवंबर को 121 सीटों पर होगी, जबकि नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। पार्टी इस लिस्ट के जरिए अपनी चुनावी ताकत का प्रदर्शन करना चाहती है और नेताओं के संतुलन के साथ बाहुबली और पुराने विधायकों की मौजूदगी से जीत की संभावना मजबूत करना चाहती है।
जेडीयू की पहली लिस्ट ने साफ कर दिया है कि जातीय समीकरण में ओबीसी वर्ग का थोड़ा पलड़ा भारी दिखता है, लेकिन सवर्ण और एससी/एसटी वर्ग को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला है। नीतीश कुमार की चाल यह दर्शाती है कि वे सभी वर्गों को जोड़कर चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं।
(नोट: ये खबर अपडेट हो रही है)












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