Bihar Chunav 2025: इतिहास रच गया बिहार! दो चरणों के मतदान में एक भी री-पोल नहीं, रिकॉर्ड 67% से ज्यादा वोटिंग
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने इस बार इतिहास रच दिया है। चुनाव आयोग (ECI) ने जानकारी दी कि राज्य में हुए दो चरणों के मतदान में एक भी री-पोल नहीं हुआ, यानी किसी भी बूथ पर दोबारा वोटिंग की जरूरत नहीं पड़ी। आयोग ने बताया कि पूरे चुनावी प्रक्रिया में कहीं भी गड़बड़ी, हिंसा या धांधली जैसी कोई शिकायत नहीं मिली। यह बिहार के चुनावी इतिहास में पहली बार है जब पूरे राज्य में इतने बड़े स्तर पर चुनाव हुए और री-पोल की नौबत नहीं आई।
67.13% वोटिंग के साथ टूटा 70 साल का रिकॉर्ड
चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार बिहार में कुल 67.13 फीसदी मतदान हुआ, जो राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा है। यह रिकॉर्ड 1951 से अब तक कभी नहीं टूटा था। पुरुष वोटर्स का टर्नआउट 62.98 प्रतिशत, जबकि महिला मतदाताओं का हिस्सा 71.78 प्रतिशत रहा। यानी महिलाओं ने एक बार फिर मतदान में पुरुषों को पछाड़ दिया। आयोग ने इसे बिहार के लोकतांत्रिक जागरूकता का बड़ा उदाहरण बताया।

दूसरे चरण की सभी 122 सीटों की जांच पूरी, कहीं नहीं मिली गड़बड़ी
दूसरे चरण में 11 नवंबर जिन 122 विधानसभा क्षेत्रों में वोटिंग हुई थी, वहां की मतगणना और दस्तावेजों की जांच (Scrutiny) बेहद शांति से संपन्न हुई। प्रत्येक सीट पर एक रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और एक जनरल ऑब्जर्वर (GO) मौजूद थे। करीब 460 उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि इस प्रक्रिया का हिस्सा बने। चुनाव आयोग ने बताया कि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई और जांच पूरी होने के बाद फॉर्म 17A और अन्य रिकॉर्ड दोबारा सील किए गए।
ECINet बना टेक्नोलॉजी का मेरुदंड
आयोग ने बताया कि इस बार ECINet प्लेटफॉर्म चुनाव की तकनीकी रीढ़ साबित हुआ। इसी डिजिटल सिस्टम की मदद से मतदाताओं को जरूरी सेवाएं दी गईं और हर बूथ से वोटिंग डेटा तुरंत एकत्र किया गया। इससे निगरानी और मॉनिटरिंग दोनों आसान हुईं।
90 हजार से ज्यादा बूथों पर वेबकास्टिंग से नजर रखी गई
मुख्य चुनाव आयुक्त जयनिश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने मतदान के दोनों चरणों पर लगातार नजर रखी। उन्होंने वेबकास्टिंग सुविधा के जरिए सभी 90,740 मतदान केंद्रों से रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त किए।
मार्च 2025 से शुरू हुई थी तैयारियां, 17 नई पहलें लागू
चुनाव आयोग ने बताया कि मार्च 2025 से ही बिहार चुनावों के लिए खास तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। आयोग ने इस बार 17 नई पहलें लागू कीं जिनका मकसद था-मतदाताओं की सुविधा बढ़ाना, मतदानकर्मियों को बेहतर प्रशिक्षण देना और पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से पारदर्शी बनाना।
इसके अलावा आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2025 भी कराया, जिसमें मतदाता सूची की शुद्धता की दोबारा जांच की गई। इस प्रक्रिया में कोई अपील दर्ज नहीं हुई, जिससे यह साबित हुआ कि बिहार की मतदाता सूची पूरी तरह अपडेट और क्लीन थी। इसके बाद 7,45,26,858 मतदाता दो चरणों में मतदान के पात्र थे।
बिहार की लोकतंत्र यात्रा में नया अध्याय
शून्य री-पोल और रिकॉर्ड वोटिंग के साथ बिहार ने एक नया इतिहास रचा है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक दक्षता का नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और लोकतंत्र में विश्वास का नतीजा है। आयोग ने इसे "सुचारू, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया" का आदर्श उदाहरण बताया।












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