Bihar Election 2025: भाजपा मेनिफेस्टो बनेगा खास, 1 करोड़ लोगों के सुझाव से होगा तैयार, 20 अक्टूबर तक भेजें राय
Bihar Election 2025 BJP Manifesto: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी तेज हो चुकी है। राजनीतिक दल एक-एक कर अपने चुनावी वादों और रणनीतियों को जनता के बीच ला रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बार अपने घोषणा पत्र यानी मेनिफेस्टो को लेकर बड़ा ऐलान किया है।
भाजपा का कहना है कि आने वाले चुनाव में उसका मेनिफेस्टो महज नेताओं की सोच पर नहीं, बल्कि जनता की राय और सुझावों पर आधारित होगा। दावा है कि करीब 1 करोड़ लोगों से सुझाव लेकर 5 साल का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

5 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
भाजपा नेताओं ने शनिवार (04 अक्टूबर) को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 5 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक राज्यभर में एक विशेष अभियान चलेगा। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से राय मांगेंगे। किसानों से लेकर महिलाओं तक, युवाओं से लेकर मजदूरों तक-हर वर्ग को इसमें शामिल करने की योजना है।
मंत्री प्रेम कुमार ने कहा, "यह बिहार के इतिहास में पहली बार है जब कोई दल जनता से सीधे राय लेकर मेनिफेस्टो तैयार करेगा। यह चुनावी दस्तावेज नहीं बल्कि जनता का एजेंडा होगा।"
हर जिले में सुझाव पेटियां और LED रथ
पार्टी ने घोषणा की है कि सभी 38 जिलों में करीब 3 हजार सुझाव पेटियां लगाई जाएंगी। लोग इनमें लिखकर अपने विचार डाल सकेंगे। इसके साथ ही भाजपा पूरे बिहार में LED चुनाव रथ भी रवाना करेगी, जो गांव-गांव जाकर अभियान चलाएंगे और लोगों को जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
QR कोड से लेकर व्हाट्सएप तक पर दे सकते हैं सुझाव
- भाजपा ने इस अभियान को हाईटेक भी बनाया है। हर चौक-चौराहे पर QR कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन कर लोग सुझाव भेज सकेंगे।
- एक नया व्हाट्सएप नंबर (8980243243) लॉन्च किया गया है। पार्टी की नई वेबसाइट भी आज 05 अक्टूबर से एक्टिव होगी, जहां ऑनलाइन सुझाव दर्ज किए जा सकेंगे।
- मिस्ड कॉल, पत्र और फोन के जरिए भी राय देने का विकल्प रहेगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि "जितने ज्यादा सुझाव आएंगे, उतना ही बेहतर और मजबूत घोषणा पत्र बनेगा।"
अक्टूबर में होंगे विशेष कार्यक्रम
भाजपा ने सिर्फ सुझाव इकट्ठा करने तक ही अभियान सीमित नहीं रखा है। अक्टूबर महीने भर खास कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें जनता को सीधा जोड़ा जाएगा।
- 8 अक्टूबर - हर जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस
- 9 अक्टूबर - युवा सम्मेलन
- 10 अक्टूबर - महिला सम्मेलन
- 11-12 अक्टूबर - हर घर तक पहुंचेंगे भाजपा कार्यकर्ता
- 14 अक्टूबर - उद्यमिता सम्मेलन
- इन आयोजनों के जरिए पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि उसका मेनिफेस्टो सभी वर्गों की उम्मीदों को शामिल करेगा।
"जनता तय करेगी आने वाले 5 साल की दिशा"
राज्यसभा सांसद मनन मिश्रा ने कहा, "यह कोई साधारण चुनावी वादा नहीं है। इस बार घोषणा पत्र तय करेगा कि बिहार के अगले 5 साल कैसे होंगे। हम जनता से अपील करते हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपने विचार भेजें। इस अभियान में जितना बड़ा जनसहभाग होगा, उतना ही मजबूत भविष्य का रोडमैप बनेगा।"
क्यों खास है यह घोषणा?
आमतौर पर राजनीतिक दलों का घोषणा पत्र नेताओं और थिंक टैंक के बीच बैठकर तैयार होता है। लेकिन भाजपा ने इसे जनता की आकांक्षाओं का दस्तावेज बनाने की पहल की है। ग्रामीण इलाके से लेकर शहरी युवाओं तक, हर वर्ग को इसमें अपनी बात कहने का मौका मिलेगा। पार्टी का मकसद साफ है-वह अपने मैनिफेस्टो को सिर्फ चुनावी 'जुमला' नहीं बल्कि जनता का साझा एजेंडा बनाना चाहती है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा का यह नया प्रयोग कितना सफल होता है, यह तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन इतना तय है कि '1 करोड़ सुझावों से बना मैनिफेस्टो' जनता के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। अब देखना होगा कि लोग कितनी संख्या में इस अभियान से जुड़ते हैं और भाजपा इन रायों को अपने घोषणा पत्र में किस तरह शामिल करती है।












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