Bihar Elections: 'दलित का बेटा हूं मेरी राजनीतिक हत्या संभव नहीं',अशोक चौधरी ने PK को क्यों दे डाली चेतावनी?
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का सियासी महाकुंभ देखने को मिल रहा है। बिहार की चुनावी राजनीति में एंट्री मार चुके प्रशांत किशोर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं और अपना आक्रामक रुप दिखा रहे हैं।
उन्होंने JDU नेता और ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीके का आरोप है कि अशोक चौधरी ने ठेकेदारों से 5 प्रतिशत कमीशन लेकर लगभग 500 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई है।

उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के बड़े नेता नीतीश कुमार हैं, जिनके ऊपर जनता का सबसे अधिक भरोसा है। इन आरोपों के बाद अशोक चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं।
🔶 अशोक चौधरी का आक्रामक बयान
अशोक चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मेरी घोषित संपत्ति से ज्यादा अगर कोई एक करोड़ रुपये या एक धूर जमीन भी दिखा दे तो मैं गुलामी करने को तैयार हूं। कल कोई आए और यह कहे कि ट्रंप के साथ मेरा पार्टनरशिप है, तो इसका क्या मतलब है?"
उन्होंने साफ कहा कि उनके खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप से उनकी राजनीतिक हत्या नहीं हो सकती। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने साढ़े चार साल कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया, जनता दल (युनाइटेड) के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रहे, ऐसे में कोई भी उनकी राजनीतिक हैसियत को खत्म नहीं कर सकता।
उन्होंने बताया कि प्रशांत किशोर की ओर से नोटिस का जवाब उनकी लीगल टीम देख रही है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में मामला लंबित रहेगा और जल्दी निर्णय नहीं आ सकता, लेकिन जनता की अदालत में दो महीने में ही फैसला आ जाएगा।
🔶 चुनाव लड़ेंगे या नहीं?
अशोक चौधरी से जब पूछा गया कि वो चुनाव लड़ेंगे कि नहीं इस पर उन्होंने कहा कि, "हम चुनाव लड़ेंगे, नहीं तो लड़ाएंगे। हमने पहले भी देखा है कि जनता की अदालत में हमारी स्थिति मजबूत है। अब पूरे बिहार में यह दिखाएंगे कि हम विरोधियों की छाती पर चढ़कर राजनीति करेंगे।"
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के साथ जनता का भरोसा और समर्थन है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जनता का सबसे अधिक भरोसा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के अलावा बिहार में कोई दूसरा नेता नहीं है जिसपर जनता इतनी भरोसा करती हो। बता दें कि प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया था कि अशोक चौधरी ने ठेकेदारों से कमीशन लेकर संपत्ति बनाई। उनका यह भी दावा है कि बिहार के सियासी माहौल में ऐसे बड़े नेताओं पर जनता को सचेत रहना चाहिए।
🔶 आरोप-प्रत्यारोप का सियासी खेल
प्रशांत किशोर की सक्रियता के कारण मंत्री अशोक चौधरी को मीडिया के सामने जाकर साफ-साफ जवाब देना पड़ा। इससे यह स्पष्ट होता है कि चुनावी माहौल में नेताओं की लड़ाई केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प है कि इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में किस तरह की भूमिका निभा सकता है।












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