बिहारः समधी चंद्रिका राय के प्रतिद्वंद्वी की राजद में एंट्री, जदयू छोड़कर टक्कर देने आए छोटे लाल
पटना। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने को है। ऐसे में प्रदेश में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। दलों में लोगों के आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल यानी कि राजद में लालू यादव के समधी चंद्रिका राय के चिर-प्रतिद्वंदी रहे छोटेलाल राय शामिल हो गए हैं। ऐसे में इस मुद्दे को काफी गंभीरता से देखा जा रहा है और इतजार है कि राजनीतिक ऊंट अब किस तरफ करवट लेने वाला है।

परसा विधानसभा से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा राय के पुत्र चंद्रिका राय राजद के विधायक हैं, जिन्होंने जदयू की टिकट पर दो बार चुनाव जीतने वाले छोटेलाल राय को 2015 के विधानसभा चुनाव में पराजित किया था। चंद्रिका राय राजद सुप्रीमो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के समधी भी हैं। लेकिन उनकी पुत्री ऐश्वर्या और लालू पुत्र तेजप्रताप के बीच बनी नहीं और दोनों अलग-अलग हो गए।
लालू परिवार और चंद्रिका राय के बीच रिश्तों में आई कड़वाहट का असर राजनीति में भी दिखने लगा और चंद्रिका राय ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जल जीवन हरियाली योजना की तारीफ कर परसा की राजनीति में फेर बदल होने का संकेत दे दिया । राजनीतिक परिदृश्य के बदलने का क्रम जारी रहा और जदयू के पूर्व विधायक छोटेलाल ने पटना में तेजश्वी यादव की उपस्थिति में राजद की सदस्यता ग्रहण कर लिया।
इसके बाद जब छोटेलाल के परसा लौटने पर उनके समर्थकों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया जा रहा है लेकिन बदलते घटनाक्रम को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि अलग-अलग धुरियों पर खड़े इन दोनों नेताओं को अपने नए दल में समर्थको को इकठ्ठा करना और उनका विश्वास जितना टेढ़ी खीर साबित होने वाला है । छोटेलाल राय ने राजद में शामिल होने को घर वापसी बताया है। वहीं लालू प्रसाद और तेजश्वी को अपना नेता बताते हुए चंद्रिका राय पर जमकर हमला बोला है।

चंद्रिका राय फिलहाल सदन में राजद के विधायक के तौर पर बने हुए हैं लेकिन उनके शीघ्र ही जदयू में शामिल होने की उम्मीद है। छोटेलाल राय से पहले तेजस्वी यादव ने चद्रिका राय की भतीजी डॉ. करिश्मा राय को पार्टी की सदस्यता दिलाई। उस दौरान कहा जा रहा था कि चंद्रिका के सामने परसा से आरजेडी करिश्मा को ही उतारेगी पर जेडीयू से दो बार विधायक रह और चंद्रिका को पहले हरा चुके छोटे लाल को पार्टी में ले आई है।
छोटे लाल राय के आरजेडी की पार्टी सदस्यता लेने के दौरान जगदानंद सिंह और भोला यादव के साथ पार्टी के और विधायक के साथ-साथ विधान पार्षद भी वहां मौजूद थे। पार्टी में शामिल होने के बाद छोले लाल ने चन्द्रिका राय को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि चंद्रिका का खुद का जनाधार नहीं है। लालू और तेजस्वी की लोकप्रियता के चलते वह चुनाव जीते। परसा सीट से अगर वह चुनावी मैदान में होंगे तो कम से कम 50 हजार वोट से हारेंगे।












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