Bihar Chunav Survey: तेजस्वी यादव का ग्राफ गिरा, प्रशांत किशोर का हुआ फायदा, सर्वे दे रहे क्या संकेत
Bihar Chunav Survey: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले लगातार ओपिनियन पोल और सर्वे आ रहे हैं। सी-वोटर (C-Voter) का हालिया सर्वे प्रशांत किशोर के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है। इस सर्वे के नतीजों के मुताबिक, तेजस्वी यादव अब भी सीएम फेस के लिए पहली पसंद बने हुए हैं। हालांकि, इसके बावजूद ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि आरजेडी नेता की लोकप्रियता में गिरावट आई है। दूसरी ओर रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर लगातार हमलावर रहे पीके की जनता के बीच लोकप्रियता बढ़ रही है।
तेजस्वी यादव के लिए सर्वे के रुझान खतरे की घंटी जैसे हैं। वोट अधिकार यात्रा के बाद आरजेडी और कांग्रेस के कार्यकर्ता उत्साह में नजर आ रहे थे। हालांकि, यह मुद्दा जमीन पर प्रभावी होता नहीं दिख रहा है। तेजस्वी यादव की लोकप्रियता में गिरावट इस लिहाज से अहम संकेत मानी जा रही है। फिलहाल चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है और प्रचार अभियान के दौरान हवा का रुख बदल भी सकता है।

Bihar Chunav Survey में सामने आए दिलचस्प रुझान
⦁ तेजस्वी यादव की लोकप्रियता में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। फरवरी 2025 में 41% लोग तेजस्वी को सीएम पद के लिए पहली पसंद मानते थे। जून 2025 में यह समर्थन घटकर 35% रह गया।
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⦁ अगस्त 2025 में यह ग्राफ और नीचे गिरा और सिर्फ 31% पर आ गया। सितंबर 2025 में मामूली बढ़त लेकर 36% तक पहुंचा है। चुनाव तक उनके लिए फिर से पुराना मोमेंटम पाना मुश्किल होगा। विश्लेषकों का कहना है कि वोट अधिकार यात्रा और बिहार अधिकार यात्रा जैसी सक्रियताओं ने उन्हें दोबारा उभार दिया।
Prashant Kishor का ग्राफ चढ़ रहा तेजी से
⦁ इस सर्वे की दिलचस्प बात यह है कि प्रशांत किशोर की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। फरवरी 2025 में सिर्फ 15% लोग उन्हें मुख्यमंत्री के लिए पसंद कर रहे थे। जून 2025 में यह आंकड़ा 16% तक बढ़ा। सितंबर 2025 में सीधा उछाल लेकर 23% पर पहुंच गया है।
⦁ प्रशांत किशोर की रणनीति और जनता से सीधे संवाद का तरीका युवाओं को आकर्षित कर रहा है। वह लगातार जनता के बीच संवाद करते हैं और बीजेपी और महागठबंधन दोनों पर जोरदार हमले बोल रहे हैं। उनका आक्रामक अंदाज जनता तक पहुंच रहा है।
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Tejashwi Yadav के लिए खतरे के संकेत
तेजस्वी यादव अब भी सीएम रेस में सबसे आगे हैं, लेकिन PK चुनौती पेश कर रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, जनता बदलाव चाहती है और यही प्रशांत किशोर के लिए अवसर बना सकता है। हालांकि, तेजस्वी खुद को पटना से लेकर दिल्ली तक सार्वजनिक मंचों पर लगातार अगला सीएम बताते रहे हैं। जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का घटना महागठबंधन के लिए भी खतरे का संकेत है।












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