Bihar Chunav 2025: चिराग पासवान कैसे बढ़ाएंगे नीतीश कुमार की टेंशन, NDA में सीट शेयरिंग को लेकर घमासान!
Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सीट बंटवारे को लेकर एनडीए में हलचल तेज हो गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की सक्रियता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) की बेचैनी बढ़ा दी है। लोजपा (आरवी) 2020 के विधानसभा चुनावों में अपने प्रदर्शन के आधार पर इस बार कई सीटों पर दावा कर सकती है।
2020 के चुनाव में एलजेपी ने जेडीयू को कई सीटों पर नुकसान पहुंचाया था, भले ही पार्टी को केवल एक सीट मिली थी। अब लोजपा (आरवी) एनडीए में लौट आई है और चिराग पासवान अपने प्रभावशाली प्रदर्शन के आधार पर सीटों की मांग कर रहे हैं। बिहार की कुल 243 सीटों में से कम से कम 38 सीटें ऐसी हैं, जहां एनडीए के सहयोगी आपस में सीट के लिए एक-दूसरे के सामने खड़े हो सकते हैं।

लोजपा (आरवी) के सूत्रों ने कहा है कि पार्टी उन सीटों पर दावा करने को तैयार है, जहां उसके उम्मीदवारों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। 2020 के चुनावों में लोजपा (आरवी) एनडीए से बाहर थी। सीएम नीतीश के साथ मतभेदों का हवाला देते हुए एनडीए छोड़ने के बाद एलजेपी ने 2020 का चुनाव अपने दम पर लड़ा। भाजपा, जेडी(यू), वीआईपी और एचएएम(एस) ने एनडीए के हिस्से के रूप में चुनाव लड़े थे।
बिहार चुनाव 2020 में LJP(RV) का कैसा था प्रदर्शन?
एलजेपी (रामविलास) का दावा है कि 2020 में उसने 38 सीटों पर बेहतर प्रदर्शन किया था, जिनमें से 32 सीटों पर पार्टी को जेडीयू से अधिक वोट मिले थे। इनमें से 26 सीटों पर एलजेपी को मिले वोटों की संख्या जेडीयू की हार के अंतर से ज्यादा थी। इसके अलावा, पांच सीटों पर एलजेपी दूसरे स्थान पर रही थी, और एक सीट (मैथानी) पर पार्टी ने 333 वोटों के मामूली अंतर से जीत हासिल की थी।
चिराग की पार्टी ने कुछ प्रमुख सीटों पर एनडीए के अन्य सहयोगियों से भी बेहतर प्रदर्शन किया था। 38 सीटों में से चार पर, एलजेपी को उस अंतर से ज्यादा वोट मिले, जिस अंतर से विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने एनडीए की सहयोगी पार्टी को हराया था। इसके अलावा, एलजेपी इन चार सीटों में से एक पर दूसरे नंबर पर रही। एक अन्य सीट, जिसे कांग्रेस ने जीता था, एलजेपी दूसरे नंबर पर थी और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) तीसरे नंबर पर थी।
भाजपा ने 243 सीटों में से 110 पर चुनाव लड़ा और उनमें से 74 पर जीत हासिल की। जेडी(यू) ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ा और 43 पर जीत हासिल की। वीआईपी ने 13 सीटों पर चुनाव लड़ा और 4 पर जीत हासिल की। एचएएम(एस) ने अपनी सात सीटों में से चार पर जीत हासिल की।

एनडीए से बाहर निकलने के बाद चिराग ने नीतीश पर निशाना साधा था, एलजेपी ने 2020 के चुनावों में जेडी(यू) का जोरदार तरीके से मुकाबला किया। कहा जाता है कि कई सीटों पर जेडी(यू) की हार में इसकी अहम भूमिका रही, भले ही एलजेपी ने खुद सिर्फ एक सीट जीती हो।
एलजेपी (आरवी) 2024 के लोकसभा चुनावों से कुछ महीने पहले 2023 में एनडीए के पाले में लौट आई। चिराग के लिए साझेदारी फायदेमंद रही - उनकी पार्टी ने जिन पांचों लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा, उन सभी पर जीत हासिल की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 3.0 में मंत्री के रूप में शामिल किया गया।
चिराग पासवान की पार्टी का दावा- हमें वो सीटें चाहिए, जिसपर हमारा स्ट्राइक रेट अच्छा था
चिराग पासवान की पार्टी का कहना है कि इन सीटों पर उनका दावा जायज है क्योंकि पिछले चुनाव में हमारा स्ट्राइक रेट अच्छा था। चिराग से अब सीट बंटवारे की बातचीत में आक्रामक रुख अपनाने की उम्मीद है। चिराग जो अब खुद बिहार का विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। पार्टी के प्रभारी अरुण भारती ने खुद 01 जून को पोस्ट कर चिराग के बिहार चुनाव लड़ने के संकते दिए हैं।
लोजपा (आरवी) नेताओं ने कहा कि पार्टी उन सीटों के लिए जोर लगाएगी, जहां उसने अच्छा प्रदर्शन किया था और अगर उन्हें ये सीटें मिलती हैं, तो एनडीए विपक्ष को आसानी से हरा सकता है। हालांकि, जेडीयू इस स्थिति से सतर्क है और मानती है कि लोजपा (आरवी) की सक्रियता के चलते सीट बंटवारा इस बार चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि चिराग पासवान भी अपने हालिया बयान में कह चुके हैं कि बिहार में सीएम बनने की रेस एनडीए में नहीं है, सीएम नीतीश कुमार ही होंगे...लेकिन सीटों को लेकर चिराग नरमी के मूड में नहीं हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जेडीयू की प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा कि हर पार्टी अधिकतम सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और सीट बंटवारा सहयोगियों के बीच समझदारी से होगा।
एलजेपी (रामविलास) 8 जून से बिहार में शुरू कर रहे हैं 'संकल्प सभा'
एलजेपी (रामविलास) ने अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए 8 जून से बिहार के विभिन्न हिस्सों में 'संकल्प सभा' आयोजित करने की योजना बनाई है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता धीरेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि इन सभाओं के जरिए पार्टी अपने समर्थन आधार को मजबूत करेगी और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करेगी।
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर गहन मंथन चल रहा है, जिसमें चिराग पासवान की भूमिका केंद्रीय बनती जा रही है।












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