Gopalganj Seat हार कर भी जश्न मना रही राजद, जानिए क्यों खुश हैं तेजस्वी यादव ?
Gopalganj Seat सीट पर राजद क़ब्ज़ा नहीं जमा सकी, वहीं मोकामा सीट पर दबदबा कयायम रहा है। उपचुनाव के नतीज के बाद हर कोई यह कह रहा है कि भाजपा का जादू नहीं चला है, दोनों पार्टियों ने अपनी-अपनी सीट पर परचम लहाया है।
Gopalganj Seat पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की है। भाजपा का जश्न मनाना तो वाजिब है क्योंकि पार्टी ने अपने सीट पर जलवा बरक़रार है। लेकिन राजद गोपालगंज सीट हारने के बाद भी खुश है, तेजस्वी यादव हार से निराश नहीं हैं। आखिर इसके पीछे की क्या वजह है, सियासी गलियारों में हो रही चर्चाओं से आपको रूबरू करवाने जा रहे हैं। बिहार उपचुनाव के रिजल्ट घोषित होने के साथ ही आगामी चुनाव के सियासी समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई है।

सियासी गलियारों में तेज़ हुई चर्चा
गोपालगंज सीट पर राजद क़ब्ज़ा नहीं जमा सकी, वहीं मोकामा सीट पर दबदबा कयायम रहा है। उपचुनाव के नतीज के बाद हर कोई यह कह रहा है कि भाजपा का जादू नहीं चला है, दोनों पार्टियों ने अपनी-अपनी सीट पर परचम लहाया है। अगर भाजपा की रणनीति काम आती तो भाजपा दोनों सीटों पर जीत दर्ज करती। क्योंकि मोकामा में जीत दर्ज करने के लिए भाजपा ने पुरज़ोर कोशिश की थी। यहां तक की भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में पूर्व सांसद सूरजभान सिंह भी थे। वहीं चिराग पासवान ने भी भाजपा प्रत्याशी को जिताने की पूरी कोशिश थी लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई।

नीलम देवी ने किया पति का झंडा बुलंद
मोकामा विधानसभा सीट पर चुनावी चर्चों से लग रहा था कि भाजपा और राजद के बीच क्लोज़ फाइट देखने को मिलेगी, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ। मोकामा सीट से अनंत सिंह चार बार से झंडा बुलंद करते आ रहे थे। अनंत सिंह के सज़ायाफ्ता होने के बाद उनकी पत्नी नीलम देवी ने पति का झंडा बुलंद करते हुए जीत दर्ज की और उपचुनाव में फिर से अनंत सिंह का ही बोलबाला रहा। मोकामा सीट पर नीलम देवी (अनंत सिंह की पत्नी) राजद की तरफ़ से चुनावी मैदान में थी। वहीं भाजपा ने सोनम देवी (ललन सिंह की पत्नी) को टिकट दिया थी। मोकामा सीट से ललन सिंह ने चुनावी दांव कई बार खेला लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। वहीं अनंत सिंह ने मोकामा सीट से जीत दर्ज करते रहे और अब उनकी पत्नी नीलम देवी ने भी पति का दबदबा फिर से कायम कर दिया।

'सहानुभुति की वजह से हुई BJP की जीत'
भाजपा ने 27 साल बाद मोकामा सीट पर अपने प्रत्याशी को उतारा, इससे पहले एनडीए गठबंधन की तरफ़ से लोजपा और जदयू उम्मीदवार ताल ठोकते रहे हैं। भाजपा के उम्मीदवार उतारने के बावजूद जीत दर्ज नहीं करने पर सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि बिहार में भाजपा की सियासी पकड़ नहीं है। गोपालगंज में भाजपा ने सिर्फ सहानुभुति की वजह से जीत दर्ज की है, क्योंकि सीट पर भाजपा का क़ब्जा था। सुभाष सिंह की मौत के बाद बीजेपी ने उनकी पत्नी कुसुम देवी को टिकट दिया था। लोगों ने इमोशनल कार्ड खेलते हुए कुसुम देवी को जिता दिया। वहीं अगर एआईएमआईएम और बसपा उम्मीदवार चुनावी दंगल में नहीं होते तो राजद उम्मीदवार जीत दर्ज कर चुके होते।

गोपालगंज सीट हारने के बाद भी खुश है RJD
भाजपा ने गोपालगंज में जीत तो दर्ज की है लेकिन फिर भी गोपालगंज की जनता राजद उम्मीदवार के वोटों के बढ़े आंकड़े से खुश है। उनका कहना है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन प्रत्याशी चुनाव के रेस बेदखल हो गए थे। लेकिन उपचुनाव में कांटे की टक्कर दी है। अगर मुकाबला सिर्फ भाजपा से होता राजद जीत दर्ज कर चुकी होती। क्योंकि उपचुनाव में राजद को भाजपा और उनकी बी टीमों से मुकाबला करना पड़ा है। बीजेपी उम्मीदवार को खासी टक्कर दी है, 1 हज़ार 794 वोटों से भाजपा प्रत्याशी कुसुम देवी ने जीत दर्ज की। वहीं अगर ओवौसी की पार्टी ने मुस्लिम वोट बैंक और बसपा यादव वोटबैंक में सेंधमारी नहीं करती तो राजद प्रत्याशई भारी मतों से जीत दर्ज करते।

AIMIM और BSP ने बिगाड़ दिया खेल
भाजपा प्रत्याशी कुसुम देवी को गोपालगंज विधानसभा सीट पर 70 हज़ार 53 वोट मिले। राजद उम्मीदवार मोहन प्रसाद गुप्ता को 68 हज़ार 259 वोट मिले। ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के प्रत्याशी अब्दुल सलाम को 12 हज़ार 214 वोट मिले। साधु यादव की पत्नी और बसपा उम्मीदवार इंदिरा यादव को 8हज़ार 854 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी कुसुम देवी ने 1 हज़ार 794 वोटों से जीत दर्ज की। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि मुस्लिम वोट बैंक में ओवैसी की पार्टी ने सेंधमारी की और यादवों के वोट बैंक में साधू यादव डेरा डाला जिस वजह से राजद उम्मीदवार की हार हुई है।

तेजस्वी यादव क्यों हैं खुश ?
राजद कार्यकर्ताओं ने कहा कि बसपा और एआईएमआईएम के प्रत्याशियों ने भाजपा प्रत्याशी को जिता दिया अगर भाजापा की ये बी टीमें नहीं होती तो राजद की जीत तय थी। यह तो आंकड़े से ही पता चल रहा है। 1794 से भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है, जबकि राजद के वोट बैंक एआईएमआईएम और बसपा प्रत्याशियों ने सेंधमारी की है। अगर जो वोट भाजपा की बी टीमों को मिला है, वह हम लोगों का था। इसलिए हम लोग खुश हैं और तेजस्वी यादव भी खुश हैं कि उनके बलबूते पर हम लोगों ने क्लोज़ फाइट दी है। जहां पिछले बार हम लोग रेस से बाहर थे । अब वापसी हो गई है और आगामी चुनाव में हम लोगों इससे कहीं ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
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