बिहार चुनाव 2025: NDA जीत पर BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने बताया कैसे 'जाति-समुदाय से हटकर विकास पर हुआ वोट
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राजनीतिक पटल पर एक नया इतिहास रच दिया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 243 सीटों में से 200 से अधिक पर कब्जा जमाते हुए करारी जीत हासिल की है, जबकि महागठबंधन मात्र 35-40 सीटों तक सिमट गया।
यह जीत एनडीए की 2020 की 125 सीटों वाली सफलता से दोगुनी से अधिक है। भाजपा 95 सीटों पर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि जदयू ने 84 सीटों पर बढ़त बनाई।

इस ऐतिहासिक जीत के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद ने बिहार की जनता को बधाई देते हुए कहा कि यह वोट जाति और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर विकास और सुशासन के लिए है। उन्होंने लालू प्रसाद के 'जंगल राज' की याद दिलाते हुए नीतीश कुमार के कार्यों की सराहना की।
रविशंकर प्रसाद का बयान: आशा, विश्वास और विकास का संदेश
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में रविशंकर प्रसाद ने एनडीए की जीत को 'आशा और विश्वास का वोट' करार दिया। उन्होंने कहा, "बिहार की जनता को बधाई। जिस तरह से उन्होंने जाति और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर वोट डाला है, वह आशा और विश्वास का वोट है... जनता ने नीतीश कुमार के काम को देखा है। उन्हें लालू प्रसाद का जंगल राज भी याद है और उन्होंने उसे देखा भी है... मुझे गर्व है कि हमारा बिहार विकास के पथ पर चलने के लिए खड़ा हो गया है।"
प्रसाद ने आगे जोर देकर कहा कि बिहार की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 'डबल इंजन' सरकार को चुना है, जो विकास, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की गारंटी है। उन्होंने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की 'भ्रम की राजनीति' अब जनता के सामने बेनकाब हो चुकी है। प्रसाद का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां भाजपा समर्थक इसे 'बिहार के पुनरुत्थान' का प्रतीक बता रहे हैं।
एनडीए का जलवा, महागठबंधन का पतन
चुनाव आयोग के अंतिम रुझानों के अनुसार, एनडीए ने 208 सीटों पर बढ़त बना ली है। भाजपा को 95, जदयू को 84, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 20, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) को 5 और अन्य सहयोगियों को शेष सीटें मिलीं। 2020 में जदयू की 43 सीटें इस बार दोगुनी से अधिक हो गईं, जिससे नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने को तैयार हैं।
दूसरी ओर, महागठबंधन का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। राजद 24 सीटों पर सिमट गया, जबकि 61 सीटों पर लड़ी कांग्रेस को मात्र 4 सीटें मिलीं। तेजस्वी यादव राघोपुर से 4,829 वोटों से पीछे हैं, और उनके भाई तेजप्रताप महुआ से तीसरे स्थान पर। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का खाता नहीं खुला, जबकि मुकेश सहनी की पार्टी भी खाली हाथ रही। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 5 सीटों पर कब्जा जमाया।
इस बार दो चरणों में 67.10% मतदान हुआ, जो 2020 के 57.05% से 10% अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में एनडीए का दबदबा रहा, खासकर मुस्लिम बहुल 16 सीटों पर।
गठबंधन/पार्टी,2025 रुझान (सीटें),2020 परिणाम (सीटें),बदलाव
- एनडीए (कुल),208,125,+83
- - भाजपा,95,74,+21
- - जदयू,84,43,+41
- - अन्य,29,8,+21
- महागठबंधन (कुल),28,110,-82
- - राजद,24,75,-51
- - कांग्रेस,4,19,-15
- निर्दलीय/अन्य,5,5,0
जदयू का विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट
जदयू ने रुझान आने के तुरंत बाद ट्वीट किया: "नीतीश मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे।" लेकिन 20 मिनट बाद ही इसे डिलीट कर दिया गया। पार्टी ने इसे 'टेक्निकल गड़बड़ी' बताया, लेकिन विपक्ष ने इसे 'अहंकार' का प्रतीक कहा। यह घटना सोशल मीडिया पर मीम्स का विषय बन गई।
प्रमुख मुकाबलों में एनडीए की जीत
- सम्राट चौधरी (भाजपा): तारापुर से 13,186 वोटों की लीड।
- अनंत सिंह (जदयू): मोकामा से 28,206 वोटों से जीत।
- नीतीश मिश्रा (भाजपा): झंझारपुर से मजबूत बढ़त।
- श्वेता गुप्ता (जदयू): शिवहर से 10,151 वोटों से आगे।
- विपक्ष की हार: तेजस्वी और तेजप्रताप दोनों पीछे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: जश्न और आलोचना
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: शाम 6 बजे भाजपा मुख्यालय पहुंचे। ट्वीट: "बिहार की जनता ने विकास को चुना। नीतीश जी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयां छुएंगे।"
- जे.पी. नड्डा (भाजपा अध्यक्ष): "महागठबंधन का पतन लालू राज की याद दिलाता है। डबल इंजन सरकार की सफलता।"
- नीतीश कुमार: "जनता का आशीर्वाद हमारी ताकत। जल्द शपथ लेंगे।"
- तेजस्वी यादव (राजद): "ट्रेंड्स धोखा दे सकते हैं। संघर्ष जारी।"
- जयराम रमेश (कांग्रेस): "हार चिंताजनक। राष्ट्रीय मंथन होगा।"
प्रशांत किशोर: 16 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस।
- एनडीए कार्यालयों में पटाखे फूटे, मिठाइयां बंटीं। महागठबंधन खेमे में सन्नाटा।
- पृष्ठभूमि: चुनाव की प्रमुख घटनाएं
- चुनाव 25 अक्टूबर और 1 नवंबर को दो चरणों में हुए। प्रचार में मोदी ने 'बिहार फर्स्ट' का नारा दिया, जबकि तेजस्वी ने 'रोजगार देंगे' का वादा। एग्जिट पोल्स ने एनडीए की जीत का संकेत दिया। विपक्षी एकता टूटने से जन सुराज ने वोट काटे।
आगे की संभावनाएं: नई सरकार, नई चुनौतियां
नीतीश कुमार की सरकार 17-18 नवंबर तक शपथ लेगी। कैबिनेट में भाजपा को प्रमुख विभाग मिलेंगे। प्रमुख मुद्दे: रोजगार सृजन, बाढ़ नियंत्रण, शिक्षा सुधार। कांग्रेस में आंतरिक कलह बढ़ सकता है, जबकि एनडीए 2029 लोकसभा के लिए मजबूत। बिहार ने एक बार फिर 'परिवर्तन' को ठुकराकर 'स्थिरता और विकास' चुना।
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