IAS-IPS छोड़ MLA बनने की होड़! बिहार चुनाव 2025 में कौन-कौन अफसर उतर सकता मैदान में? देखें पूरी लिस्ट
Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 इस बार सिर्फ नेता नहीं, बल्कि कई अफसर भी उतरने को बेताब हैं। चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले नौकरशाही से राजनीति में आने की होड़ सी मची हुई है। वीआरएस की तैयारी, नई पार्टियों से जुड़ाव और पुराने सिस्टम से मोहभंग। ये सब संकेत हैं कि अब 'फाइलों की दुनिया' से निकलकर ये अफसर 'जनता की अदालत' में किस्मत आजमाने को तैयार हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कोई अफसर जेडीयू से नजदीकियों की वजह से टिकट की दौड़ में है तो कोई प्रशांत किशोर के साथ कदमताल कर रहा है, तो कोई अपनी पार्टी बनाकर मैदान में उतरने की कह रहा है।

आइए डालते उन अफसरों पर एक नजर जो कभी आईएएस, आईपीएस जैसे पदों पर रहे और अब बिहार विधानसभा चुनाव 2023 लड़ने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। हालांकि नामांकन पत्र दाखिल करने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। अभी सिर्फ उनके चुनाव लड़ सकने के केवल कयास लगाए जा रहे हैं।
इन पूर्व IAS-IPS अफसरों की चुनावी एंट्री की हो रही चर्चा
- एस. सिद्धार्थ (IAS): बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव की वीआरएस की खबरों ने हलचल मचा दी थी। भले ही उन्होंने खंडन कर दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियां चुनावी मूड की ओर इशारा करती हैं।
- शिवदीप लांडे (IPS): बिहार के सबसे चर्चित आईपीएस अधिकारियों में शुमार रहे हैं। 2024 में वीआरएस ले चुके हैं और खुद की पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।
- मनीष वर्मा (IAS, ओडिशा कैडर): नालंदा से चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर चर्चाओं में हैं। इन्होंने बिहार के लोगों की सेवा करने की बात कहकर नौकरी छोड़ दी थी।
- दिनेश कुमार राय (IAS, रिटायर्ड): नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं, जेडीयू से चुनाव लड़ सकते हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव रहते हुए इन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी।
- अरविंद कुमार सिंह, गोपाल नारायण सिंह, लल्लन यादव (IAS, रिटायर्ड): इन तीनों पूर्व आईएएस अधिकारियों के बारे में चर्चा है कि जन सुराज से सियासी पारी शुरू कर सकते हैं।
- विकास वैभव (IPS): बिहार कैडर के सबसे चर्चित अफसरों में, वर्षों से उनके राजनीतिक डेब्यू की चर्चा है।
- जय प्रकाश सिंह (IPS, रिटायर्ड): इनके बारे में बिहार में चर्चा है कि ये जन सुराज पार्टी से जुड़कर सियासी पारी का आगाज कर सकते हैं।
- वीके सिंह (पूर्व IG, दिल्ली पुलिस): वीआईपी पार्टी से तालमेल बैठाकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में।
- आनंद मिश्रा (IPS, असम कैडर): लोकसभा 2024 से पहले ही वीआरएस ले चुके, अब बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाग्य आजमा सकते हैं।
नीतीश कैबिनेट का ट्रैक रिकॉर्ड और नई उम्मीदें
नीतीश कैबिनेट में इससे पहले भी कई पूर्व अफसर मंत्री के रूप में अपनी भूमिका निभा चुके हैं जैसे पूर्व आईपीएस सुनील कुमार या आईएएस रहे आरसीपी सिंह। इससे पहले आरके सिंह और यशवंत सिन्हा भी प्रशासन से राजनीति में आकर राष्ट्रीय पहचान बना चुके हैं। अब जब बिहार में साल 2025 का रण सामने है, तो सवाल यह नहीं है कि कौन-कौन अफसर राजनीति में आएंगे, बल्कि असली उत्सुकता इस बात की है कि ये चेहरे किन सीटों से, किन दलों के साथ और किन मुद्दों पर जनता के बीच जाएंगे?
नियमों के बावजूद, राजनीति की ओर बढ़ते अफसरों के क़दम
भारतीय सेवा नियमों के अनुसार, कोई भी वर्तमान आईएएस या आईपीएस अधिकारी तब तक चुनाव नहीं लड़ सकता जब तक वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) नहीं लेता। इसके लिए कम से कम तीन महीने पहले नोटिस देना होता है और केंद्र की मंजूरी भी जरूरी होती है। हालांकि नियमों के तहत वीआरएस और केंद्र की मंजूरी जरूरी है, लेकिन व्यवहार में कई अफसर पहले से ही अपने राजनीतिक विकल्पों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे होते हैं।












Click it and Unblock the Notifications