Bihar Election 2025 Date: बिहार चुनाव की तारीखों का आज शाम 4 बजे ऐलान! 2 फेज में वोटिंग, हर लेटेस्ट अपडेट
Bihar Assembly Election 2025 Date: : बिहार की सियासत में आज सोमवार (06 अक्टूबर) का दिन बेहद अहम साबित होने वाला है। अब चुनाव आयोग (Election Commission) आज शाम 4 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन से बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का आधिकारिक ऐलान करने जा रहा है।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ ही राज्य में आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो जाएगी। यानी अब प्रचार की सीमाएं तय होंगी और हर दल को अपनी रणनीति साफ करनी होगी। बिहार में चुनाव छठ महापर्व के बाद ही होगा। छठ से 25 से 28 तक है। बिहार में पहली वोटिंग की संभावना 4 नवंबर से है।

🔵 Bihar Election Phase 2025: दो चरणों में होगा मतदान, छठ के बाद संभव तारीखें
सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में दो फेज में वोटिंग होने की पूरी संभावना है। चुनाव आयोग को 22 नवंबर 2025 तक पूरी चुनावी प्रक्रिया खत्म करनी है। सभी राजनीतिक दलों की तरफ से आयोग से यह आग्रह किया गया है कि छठ पर्व के बाद ही वोटिंग कराई जाए, ताकि लोगों को त्योहार में कोई परेशानी न हो।
अगर हम पिछले चुनावों पर नजर डालें तो, 2020 में बिहार में तीन चरणों में मतदान हुआ था - 20 अक्टूबर से 7 नवंबर तक वोटिंग और 10 नवंबर को परिणाम घोषित हुए थे। जबकि 2015 के विधानसभा चुनाव में पांच चरणों में वोटिंग हुई थी और नतीजे 8 नवंबर को आए थे। इस बार दो चरणों का फॉर्मेट अपनाने की चर्चा है ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।
🔵 Bihar Election 2025 New Rule: बिहार चुनाव में इस बार क्या-क्या बदले नए नियम?
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कई नए सुधार पहली बार लागू किए जा रहे हैं, जो देशभर के लिए मिसाल बनेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस बार 30 नई पहलें की जा रही हैं, जिनमें 17 कार्यकारी उपाय शामिल हैं। बीएलओ को अब स्मार्ट आईडी कार्ड दिए गए हैं ताकि मतदाता उन्हें आसानी से पहचान सकें।
मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन बूथ के बाहर जमा करने होंगे, जिसके लिए स्वदेशी जूट बैग उपलब्ध रहेंगे। अब किसी भी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। साथ ही, वन स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रत्याशियों के लिए 100 मीटर दूरी पर सुविधा टेबल की अनुमति जैसे सुधार भी लागू होंगे।
🔵 बिहार चुनाव 2025: हर बूथ पर वेबकास्टिंग से लेकर रंगीन बैलेट तक, जानिए चुनाव आयोग के नए सुधार
🔹 हर मतदान केंद्र पर 100% वेबकास्टिंग
अब बिहार के हर बूथ पर मतदान की पूरी प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग होगी। इससे चुनाव आयोग को रियल-टाइम में मतदान प्रतिशत, वोटिंग ट्रेंड और अन्य जरूरी आंकड़े जुटाने में मदद मिलेगी। पारदर्शिता और मॉनिटरिंग को मजबूत बनाने के लिए यह कदम बड़ा बदलाव साबित होगा।
🔹 EVM पर रंगीन फोटो और बड़े अक्षर में नाम
अब मतदाता EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें देख सकेंगे। साथ ही, उम्मीदवारों के नाम बड़े और मोटे अक्षरों में लिखे जाएंगे, ताकि कोई भ्रम न रहे और बुजुर्ग या ग्रामीण मतदाताओं को आसानी से पहचानने में सुविधा हो।
🔹 पोस्टल बैलेट गिनती के नए नियम
पोस्टल बैलेट की गिनती अब ईवीएम की अंतिम गिनती से दो राउंड पहले पूरी की जाएगी। यह नया नियम मतगणना प्रक्रिया को और अधिक तेज और सटीक बनाएगा, जिससे नतीजों की घोषणा में पारदर्शिता बनी रहेगी।
🔹 पारदर्शी और समावेशी चुनाव की दिशा में कदम
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, इन सभी सुधारों का लक्ष्य एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है। बिहार इन सुधारों का पहला प्रयोगात्मक राज्य बनेगा, और यहां से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में पूरे देश के लिए मॉडल साबित होगी।
🔵 नीतीश के चेहरे पर NDA उतरेगा मैदान में
नीतीश कुमार एक बार फिर NDA के चेहरा (Face of NDA) होंगे। शुरुआती दिनों में इस पर कुछ कशमकश थी, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। भाजपा के बड़े नेताओं ने भी नीतीश के नाम पर मुहर लगा दी है।
जेडीयू (JDU) ने पहले ही नारा दे दिया है - "2025 से 2030, फिर से नीतीश", जो साफ संकेत है कि एनडीए पूरी मजबूती से नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरेगा। चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) और जीतन राम मांझी की हम (HAM) पार्टी ने भी इसका समर्थन किया है। यानी एनडीए में फिलहाल एकजुटता की तस्वीर दिखाई दे रही है।
🔵 महागठबंधन में सीएम चेहरा पर असमंजस
वहीं महागठबंधन की तरफ देखें तो वहां सीएम फेस पर अभी तक एक राय नहीं बन पाई है। आरजेडी (RJD) की ओर से तेजस्वी यादव को संभावित मुख्यमंत्री चेहरा बताया जा रहा है। तेजस्वी खुद भी कई बार इस बात को सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं।
हालांकि कांग्रेस ने अभी तक इस पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। राहुल गांधी, सचिन पायलट और कृष्णा अल्लावरु जैसे नेताओं ने इस सवाल पर केवल इतना कहा है कि "मुख्यमंत्री का चेहरा चुनाव के बाद गठबंधन तय करेगा।" इस बयान से यह साफ झलकता है कि महागठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद अब भी बरकरार हैं।
🔵 किसके लिए चुनौती, किसके लिए मौका?
बिहार की राजनीति हमेशा से जातीय समीकरण, सामाजिक वर्ग और विकास के वादों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। इस बार भी वही कहानी दोहराई जाएगी, लेकिन चेहरों के साथ एजेंडा बदला हुआ है।
NDA नीतीश के काम और स्थिरता की बात करेगा, जबकि महागठबंधन बेरोजगारी, शिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाएगा। अब सबकी नजर आज शाम 4 बजे चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी है, जो तय करेगी कि बिहार की जनता किस तारीख को वोट डालकर आने वाले पांच साल की राजनीति की दिशा तय करेगी।












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