खुद को मजबूत करने की बजाय कांग्रेस ने पकड़ी गठबंधन की राह, बिहार चुनाव से पहले पार्टी में बढ़ रहा असंतोष

Congress News: हाल ही में चार राज्यों (हरियाणा, दिल्ली, झारखंड और महाराष्ट्र) में चुनाव हुए थे, जिसमें कांग्रेस पार्टी को प्रदर्शन बेहद खराब था, जिसके चलते पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इन राज्यों में मिली हार के बाद अब कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है।

दरअसल, बिहार चुनाव कांग्रेस पार्टी के लिए काफी अहम होने वाला है, क्योंकि पिछले चुनावों में कांग्रेस को प्रदर्शन कोई खासा अच्छा नहीं रहा है। आजतक की खबर के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी बिहार में खुद को मजबूत करने की बजाय गठबंधन की राह पर है। बतातें चलें कि कांग्रेस के लिए बिहार की राजनीति लंबे समय से आरजेडी के साथ गठबंधन करने की रही है।

Rahul Gandhi

लोकसभा चुनाव के वक्त भी कांग्रेस ने बिहार में आरजेडी के साथ गठबंधन किया था। हालांकि, यूपी की तरह कांग्रेस को बिहार में कोई खास सफलता नहीं मिली थी। इस बीच, बिहार चुनाव से ठीक पहले पार्टी के अंदर असंतोष भी देखने को मिल रहा है। कांग्रेस राज्य इकाई में पुराने गिले-शिकवे, अहंकार और नेतृत्व की अस्पष्टता को लेकर समस्याएं बढ़ रही हैं।

हालांकि, पार्टी में बढ़ते असंतोष और गिले-शिकवे दूर करने के लिए नए पार्टी प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने काम तो शुरू कर दिया है। लेकिन, पार्टी में बढ़ता असंतोष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। खबर के मुताबिक, बेगूसराय में एक नेता की एंट्री ने स्थिति को और ज्यादा बिगाड़ दिया है।

दरअसल, कन्हैया कुमार हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए और अपने गृह क्षेत्र बेगूसराय में मजबूत आधार बनाने के लिए 'पलायन रोको, रोजगार दो' नाम से एक पदयात्रा आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। यह यात्रा कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) द्वारा आयोजित की जाएगी।

पदयात्रा से ठीक पहले कन्हैया कुमार और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी जब अपनी चुनावी मुहिम शुरू कर रही है तो बाकी को लूप में क्यों नहीं रखा गया?

रमजान महीने में क्यों हो रही पदयात्रा?

वहीं, कुछ मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने इस पदयात्रा पर सवाल उठाए है। उनका कहना है कि यह पदयात्रा रमजान के महीने में क्यों आयोजित हो रही है? मुस्लिम समुदाय जो पार्टी का एक महत्वपूर्ण वोट बैंक है, उसका उपवास है। खासकर यात्रा जिन जिलों से होकर गुजरेगी, उनमें मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा हिस्सा निवास करता है।

18 मार्च को दिल्ली में होगी बैठक

आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बिहार के नेताओं के साथ शीर्ष नेतृत्व की एक बैठक होनी है। यह बैठक 18 मार्च को होगी। हालांकि, यह बैठक पहले बुधवार 12 मार्च को होनी थी लेकिन, संभावित विवाद को देखते हुए बैठक को आगे बढ़ा दिया गया है।

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