'ईश्वर अल्लाह तेरो नाम' पर मचा दिया हंगामा, मुझे मिल रही धमकियां, भोजपुरी गायिका देवी ने अब क्या-क्या बताया?
Bhojpuri singer Devi: भोजपुरी लोक गायिका देवी को बिहार के एक कार्यक्रम में 'रघुपति राघव राजा राम' गाना बंद करने के लिए मजबूर किया गया। क्योंकि, दर्शकों ने ईश्वर अल्लाह तेरो नाम लाइन पर आपत्ति जताई थी। भोजपुरी गायिका देवी ने कहा कि मुझे अब धमकियां मिल रही है।
दरअसल, भोजपुरी गायिका देवी ने हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में बिहार में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुईं थी। हालांकि, उनके कार्यक्रम में नाटकीय मोड़ तब ले लिया जब उन्होंने "रघुपति राघव राजा राम" भजन गाया था। इस भजन पर श्रोताओं द्वारा आपत्ति जताई गई और उन्हें भजन गाना बंद करना पड़ा था।

भोजपुरी गायिका देवी ने हाल ही में न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए अपने इंटरव्यू में बताया कि कार्यक्रम में क्या हुआ। देवी ने कहा कि 'मैं हैरान हूं। मैं महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन गा रही थी। (बिहार) के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और अश्विनी चौबे सहित भाजपा के बड़े नेता वहां मौजूद थे। 'हिंदू पुत्र संगठन' के कुछ लोगों ने 'ईश्वर अल्लाह तेरो नाम' लाइन आने पर हंगामा शुरू कर दिया।'
उन्होंने कहा कि मंच पर मौजूद नेता यह नहीं समझ पाए कि स्थिति को कैसे संभाला जाए और उनमें से कुछ मेरे पास आए और माफी मांगने को कहा ताकि स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके। भोजपुरी गायिका देवी ने कहा कि मैंने माफी मांगी क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि स्थिति और बिगड़े, क्योंकि मुझे वहां के डिप्टी सीएम से 'अटल विशिष्ट सम्मान' भी मिला था।
वहीं, भोजपुरी गायिका देवी ने कहा कि अब मुझे लगता है कि जिन लोगों ने वहां अराजकता फैलाई, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि मुझे अब धमकियां भी मिल रही हैं। यह महिलाओं का अपमान है। सभी समुदायों को एक साथ रखने वाले अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर ऐसा घटिया कृत्य शर्मनाक है।
पार्टी को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इस दौरान देवी ने कहा, "मैं उन सभी लोगों का धन्यवाद करती हूं जो मेरे समर्थन में आए।" वहीं, इस घटना पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो क्लिप साझा किया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने लिखा, 'वे दुनिया को दिखाने के लिए बापू को फूल चढ़ाते हैं लेकिन वास्तव में उनके मन में उनके लिए कोई सम्मान नहीं है। वे दिखावे के लिए बाबा साहब अंबेडकर का नाम लेते हैं लेकिन वास्तव में उनका अपमान करते हैं। भाजपा को हमारी सहिष्णु और समावेशी संस्कृति और परंपरा से इतनी नफरत है कि वे हमारे महापुरुषों का बार-बार अपमान करते हैं।'
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